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*🙏बुढ़ापा या बचपन 🙏* 🌺🌱🌺🌱🌺🌱🌺 *बुढ़ापे में लोग सच में सठिया जाते हैं* *जहां मना करो, वहीं सुसु कर देंगे। सीट पर पानी डालकर भी नहीं आयेगें।* *बिना बताए घर से निकल जायेगें,और अगर कुछ कह दो तो तुरन्त रोना शुरू हो जाता है।* *सूखने के लिए उनकी धोती जो फैलाई रहती है उसको दस चक्कर उलट-पलट कर सुखायेंगे और जैसे ही सूखा, अपने पास लाकर रख लेंगे। मना करो लेकिन मानते ही नहीं* *बुढ़ापे में लोग सठिया जाते हैं ये कहना जितना आसान है, समझना उतना ही मुश्किल।* *कितना भी समझा लो, मना कर लो, किसी बात के लिए मानते ही नहीं।* *कभी कहते हैं दवा नहीं खानी,कभी कहते हैं अकेले ही चलेंगे, कभी कहते हैं हमें कुछ नहीं हुआ और कभी कहेंगे बहुत दर्द है जल्दी से सुई लगवा दो और लगने के दस मिनट बाद ही तुरंत आराम,और तब घर में खुसुर-फुसूर शुरू हो जाती है।* *अब यह नित्य का हो गया है। पर कोई ये नहीं सोचता कि बुढ़ापा भी बचपन की तरह ही होता है।* *हम बचपन में जिद करते थे ये चाहिए, वो चाहिए। अगर न मिले तो जमीन पर बैठकर रो देते थे।* *तब कोई हमें जिद्दि नहीं कहता था,सब कहते थे बच्चा है, समझ नहीं है* *बुढ़ापे में भी मन वही हो जाता है। बस शरीर साथ छोड़ देता है, आवाज़ में पहले जैसा दम नहीं रहता और रोना आअंखों के अन्दर ही दबा रह जाता है।* *तब जिद्ध किसी खिलौने की नहीं होती, तब जिद्द होती है अपने होने की,अपने काम आने की,अपने फैसले खुद लेने की।* *बुज़ुर्ग जब कहते हैं,हमें कुछ नहीं हुआ,तो वो झूठ नहीं बोलते, वो बस ये मानने से डरते हैं कि अब उन्हें सहारे की जरूरत है ,क्योंकि जिस इन्सान ने पूरी उम्र दूसरों का हाथ थामा हो,उसे ये मान लेना बहुत भारी लगता है कि अब उसका हाथ थामने वाला कोई और है।* *बुढ़ापा सबसे ज़्यादा दर्द घुटनों या कमर में नहीं देता,वो दर्द देता है बेकार हो जाने के एहसास में।* *जब अपनी ही दुनिया में अपनी बात आखिरी हो जाती है,जब हर फैसला कोई और लेने लगता है* *जब हर कोशिश पर कहा जाता है “रहने दो, तुमसे नहीं होगा।” तब जिद्द जन्म लेती है।* *तो अगर कोई बुज़ुर्ग बार-बार एक ही बात कहते हैं,अगर बिना जरूरत बाहर निकल पड़ते हैं,अगर मना करने पर भी नहीं मानते—तो उसे सठियाना मत कहिए।* *वो उनका दूसरा बचपन है जिसे डांट नहीं,धैर्य चाहिए* *जिसे ताना नहीं,थोड़ा समय चाहिए।और सबसे ज्यादा ‌ ये एहसास चाहिए कि वो आज भी जरूरी हैं।* *क्योंकि जिस दिन बुज़ुर्ग चुप हो जाएँ, जिद्द करना छोड़ दें, और हर बात पर “ठीक है” कहने लगें—समझ लेना,* *उस दिन उनका मन सबसे ज़्यादा थक चुका होता है।* *बुज़ुर्गों की जिद्द को सठियाना मत कहिए--* *वो बस बचपन की तरह थोड़ा और प्यार मांग रहे होते हैं। उन्हें भरपूर प्यार दो ताकि आखिरि समय भगवान का नाम सुमिरन कर सके।* 🌺🙏🌺 जय श्री राधे कृष्णा 🌺🙏🌺 शुभ प्रभात 🌺🌺🥀🥀 आपका दिन शुभ मंगलमय हो 🌹🌹❣️ बाबा महाँकाल का आशिर्वाद सदैव बना रहे। 🦚🦚🌹🌹 जय श्री महाकाल 🥀🥀🌺🌺

Comments (7)

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Feb 28, 2026

जय श्री कृष्णाजी 🙏

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Feb 28, 2026

अति सुंदर राधे-राधे जी 🙏

Suresh Kumar

Suresh Kumar

Feb 28, 2026

बहुत ही सुन्दर लेख 👌

Suresh Kumar

Suresh Kumar

Feb 28, 2026

राधे राधे जी 🙏 जय श्रीं कृष्णा. 🥀🥀🥀शुभ दोपहर वंदन मेरी बहन 🙏

प्रेम कुमार

प्रेम कुमार

Feb 28, 2026

🌹 राधे राधे 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹 आप का दिन मंगलमय हो बहना 🌹🌹

Annuraj  🥀🥀
Anita 😊

Annuraj 🥀🥀 Anita 😊

Feb 28, 2026

radhe radhe ji 🌹🌹🌹good morning 🌅have a nice day 🌺🌺🥀🥀

raj  raj

raj raj

Feb 28, 2026

radhe radhe ji 🌺🌺🌺🌺 good morning annu ji ❤️❤️❤️