
Rama Devi Sahu
174 days ago
11 मार्च 2026 शीतला अष्टमी (बास्योड़ा) सही तिथि, शुभ मुहूर्त और शास्त्रसम्मत पूजन विधि | रोग नाश और संतानों की रक्षा का महापर्व शीतला अष्टमी 2026 कब है? ठंडे भोग का रहस्य जानिए | चर्म रोग नाश का दिव्य दिन शीतला अष्टमी 2026 (बास्योड़ा) बुधवार दिनांक 11 मार्च 2026 अष्टमी तिथि प्रारंभ 10 मार्च मध्यरात्रि के बाद 1:54 AM से पूजन 11 मार्च को ही किया जाएगा शुभ मुहुर्त लाभ चौघड़िया - सुबह 6:41 से 8:10 तक ++ अमृत चोयड़िया सुबह 8:10 से 9:39 तक भोग का विशेष नियम ▲ सप्तमी तिथि (एक दिन पहले) भोजन बनाएं * अष्टमी के दिन ठंडा भोजन ही माता को अर्पित करें शास्त्रों में वर्णन है कि माता शीतला को शीतल (ठंडा) भोग अति प्रिय है। इसलिए इस दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता। मां शीतला कौन हैं? शीतला माता को रोगनाशिनी देवी माना गया है। इनका उल्लेख स्कन्द पुसणं के अनुसार - माता गधे पर सवार होती हैं हाथ में झाडू, कलश और नीम पत्ते धारण करती हैं रोगों का नाश करती हैं शास्त्रीय मान्यता स्कन्द पुराण में वर्णित है कि माता शीतला के पूजन से - चर्म रोग चेचक खसरा संक्रामक रोग से रक्षा होती है। विशेषकर बच्चों की रक्षा हेतु यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है। पूजन से प्राप्त होने वाले लाभ रोगों से मुक्ति बच्चों का उत्तम स्वास्थ्य घर में सुख-शांति ♦ नकारात्मक ऊर्जा का नाश जो व्यक्ति श्रद्धा से शीतला अष्टमी का व्रत रखता है, उसके घर में रोग प्रवेश नहीं करते। इस पावन अवसर पर माता शीतला से प्रार्थना करें - "हे मातेश्वरी, हमारे परिवार को रोगों से मुक्त रखें।"

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