
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
201 days ago
जगन्नाथ पुरी मंदिर में भगवान जगन्नाथ को 56 प्रकार के भोग अर्पित करने की परंपरा है, जिसे छप्पन भोग कहा जाता है। यह भोग पूरी तरह से शुद्ध और सात्विक तरीके से तैयार किया जाता है। *छप्पन भोग में शामिल व्यंजन:* - *मिठाइयाँ*: खीर, रसगुल्ला, लड्डू, खाजा, रसबली - *चावल के व्यंजन*: कनिका (स्वादिष्ट चावल), घिया अन्ना (घी चावल), खिचड़ी - *दूध से बने व्यंजन*: खीरी (दूध चावल), सूजी खीर - *पिठ्ठे (केक)*: मेंधा मुंडिया, बड़ा कांति, माथा पुली, हंसा केली - *अन्य व्यंजन*: पूरी, दालमा (दाल के साथ पकाई गई सब्ज़ियाँ), नादिया कोरा (नारियल के लड्डू) *भोग तैयार करने की प्रक्रिया:* जगन्नाथ मंदिर की रसोई में महाप्रसाद मिट्टी के बर्तनों में आग और लकड़ी का उपयोग करके पकाया जाता है। इस रसोई में एक दिन में एक लाख भक्तों के लिए खाना पकाने की क्षमता है, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी रसोई बनाती है ¹। *भोग अर्पित करने का समय:* भगवान जगन्नाथ को पूरे दिन में छह बार भोग अर्पित किया जाता है: 1. गोपाल वल्लभ भोग (सुबह 8:30 बजे) 2. सकला धूप (सुबह 10:00 बजे) 3. भोग मंडप भोग (सुबह 11:00 बजे) 4. मध्यान्हा धूप (दोपहर 12:30 बजे से 1:00 बजे) 5. संध्या धूप (शाम 7:00 बजे से 8:00 बजे) 6. बड़ा श्रृंगार भोग (रात 11:00 बजे) *अधिक जानकारी के लिए:* आप जगन्नाथ पुरी मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं या मंदिर के पुजारियों से संपर्क कर सकते हैं। *अनुवर्ती प्रश्न:* जगन्नाथ पुरी मंदिर के बारे में और जानने के लिए, आप रथ यात्रा के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं या मंदिर के इतिहास और महत्व के बारे में पढ़ सकते हैं?

Comments (2)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 10, 2026
🙏🏻 suprabho daya thanks bacha here's Tuesday blessings for you and family May the divine presence of Lord Jagannath protect you from all evils and bestow you with peace."

Rama Devi Sahu
Feb 10, 2026
🙏‼️ Jai Jagannath Swami Nayan Path Gami Bhava Tume ‼️🙏 Suprabhat Jii 🙏🌹🌹
