
Rama Devi Sahu
23 days ago
🌼 एक आध्यात्मिक स्मरण 🌼 हर क्षण… किसी न किसी जीव की यह यात्रा पूर्ण हो रही है। कोई आत्मा इस माया के संसार को छोड़कर अपने असली घर की ओर लौट रही है। हम सब भी उसी पथ के यात्री हैं… एक अदृश्य पंक्ति में खड़े हुए… जिसकी बारी कब आए—यह केवल प्रभु जानते हैं। न हम पीछे जा सकते हैं… न इस पथ से हट सकते हैं… न ही इसे टाल सकते हैं। तो जब तक यह जीवन मिला है… हर श्वास को प्रभु का प्रसाद समझो। हर क्षण को भक्ति में बदल दो। हर कार्य को पूजा बना दो। अपने भीतर के प्रेम को जगाओ… और उसे संसार में बाँटो। किसी उदास हृदय में आशा की ज्योति जलाओ… किसी अकेले को अपना बना लो। छोटी-छोटी बातों में भी प्रभु का दर्शन करो… हर मुस्कान में उनकी झलक पहचानो। जहाँ टूटन है—वहाँ जोड़ बनो… जहाँ अशांति है—वहाँ शांति बनो… जहाँ अंधकार है—वहाँ प्रकाश बनो। अपने अपनों से कह दो— कि वे तुम्हारे लिए प्रभु का दिया हुआ अमूल्य उपहार हैं। ऐसा जीवन जियो कि जब यह यात्रा पूर्ण हो… तो मन में कोई पछतावा न हो… केवल प्रभु के चरणों में समर्पण हो। सदा स्मरण रहे— हम यहाँ रहने के लिए नहीं आए… हम यहाँ लौटने की तैयारी के लिए आए हैं। तो स्वयं को तैयार करो… भक्ति में, प्रेम में, समर्पण में। क्योंकि जब प्रभु बुलाएँगे… तो केवल प्रेम ही साथ जाएगा। 🕉️🙏 RADHE RADHE JAI SHREE KRISHNA 🙏🕉️
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