
Rama Devi Sahu
115 days ago
राधा में समर्पण है, कृष्ण में शांति का विस्तार ✨ जहाँ प्रेम अहंकार से मुक्त हो जाए, वहीं से भक्ति आरंभ होती है 💙 मुरली की धुन और आत्मा का नृत्य — यही तो रास का रहस्य है 🌸 प्रेम जब दिव्यता को छू ले, तो हर क्षण वृंदावन बन जाता है 🦚 राधे कृष्ण का भाव केवल कथा नहीं, आत्मा का उत्सव है 🙏🌺

Comments (10)

Rama Devi Sahu
May 7, 2026
*🌷 रात्रि चिंतन 🌷* ****************** *रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए भावनाओं को खत्म करना ज़रूरी नहीं, उनके साथ रहना ज़रूरी है। जब डर आए, भागना नहीं, जब ईर्ष्या आए, शर्माना नहीं, बस उसे देखना, समझना, भावनाएँ लहरों की तरह होती हैं, अगर हम उन्हें जाने दें, तो वे खुद शांत हो जाती हैं।* *उपस्थिति सबसे बड़ा उपहार है जो हम किसी को दे सकते हैं और खुद को भी। जो खुद के साथ रहना सीख लेता है, वह दूसरों के साथ भी बेहतर रह पाता है।* *🌼🌺 जय श्रीराधैकृष्ण जी 🌺🌼* *🌹🌹 श्रीकृष्णमय रात्रि 🌹🌹*

Rama Devi Sahu
May 7, 2026
*🌷 रात्रि चिंतन 🌷* ****************** *रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए भावनाओं को खत्म करना ज़रूरी नहीं, उनके साथ रहना ज़रूरी है। जब डर आए, भागना नहीं, जब ईर्ष्या आए, शर्माना नहीं, बस उसे देखना, समझना, भावनाएँ लहरों की तरह होती हैं, अगर हम उन्हें जाने दें, तो वे खुद शांत हो जाती हैं।* *उपस्थिति सबसे बड़ा उपहार है जो हम किसी को दे सकते हैं और खुद को भी। जो खुद के साथ रहना सीख लेता है, वह दूसरों के साथ भी बेहतर रह पाता है।* *🌼🌺 जय श्रीराधैकृष्ण जी 🌺🌼* *🌹🌹 श्रीकृष्णमय रात्रि 🌹🌹*

Rama Devi Sahu
May 7, 2026
*🌷 रात्रि चिंतन 🌷* ****************** *रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए भावनाओं को खत्म करना ज़रूरी नहीं, उनके साथ रहना ज़रूरी है। जब डर आए, भागना नहीं, जब ईर्ष्या आए, शर्माना नहीं, बस उसे देखना, समझना, भावनाएँ लहरों की तरह होती हैं, अगर हम उन्हें जाने दें, तो वे खुद शांत हो जाती हैं।* *उपस्थिति सबसे बड़ा उपहार है जो हम किसी को दे सकते हैं और खुद को भी। जो खुद के साथ रहना सीख लेता है, वह दूसरों के साथ भी बेहतर रह पाता है।* *🌼🌺 जय श्रीराधैकृष्ण जी 🌺🌼* *🌹🌹 श्रीकृष्णमय रात्रि 🌹🌹*

Rama Devi Sahu
May 7, 2026
*🌷 रात्रि चिंतन 🌷* ****************** *रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए भावनाओं को खत्म करना ज़रूरी नहीं, उनके साथ रहना ज़रूरी है। जब डर आए, भागना नहीं, जब ईर्ष्या आए, शर्माना नहीं, बस उसे देखना, समझना, भावनाएँ लहरों की तरह होती हैं, अगर हम उन्हें जाने दें, तो वे खुद शांत हो जाती हैं।* *उपस्थिति सबसे बड़ा उपहार है जो हम किसी को दे सकते हैं और खुद को भी। जो खुद के साथ रहना सीख लेता है, वह दूसरों के साथ भी बेहतर रह पाता है।* *🌼🌺 जय श्रीराधैकृष्ण जी 🌺🌼* *🌹🌹 श्रीकृष्णमय रात्रि 🌹🌹*

Rama Devi Sahu
May 7, 2026
*🌷 रात्रि चिंतन 🌷* ****************** *रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए भावनाओं को खत्म करना ज़रूरी नहीं, उनके साथ रहना ज़रूरी है। जब डर आए, भागना नहीं, जब ईर्ष्या आए, शर्माना नहीं, बस उसे देखना, समझना, भावनाएँ लहरों की तरह होती हैं, अगर हम उन्हें जाने दें, तो वे खुद शांत हो जाती हैं।* *उपस्थिति सबसे बड़ा उपहार है जो हम किसी को दे सकते हैं और खुद को भी। जो खुद के साथ रहना सीख लेता है, वह दूसरों के साथ भी बेहतर रह पाता है।* *🌼🌺 जय श्रीराधैकृष्ण जी 🌺🌼* *🌹🌹 श्रीकृष्णमय रात्रि 🌹🌹*

बरखा शर्मा
May 7, 2026
🌷🌷Radhe Radhe Ji 🌷Shubh Ratri Vandan Ji.🌷🌷🙏

LALAN KUMAR
May 7, 2026
*जय श्री राधे राधे जी* बहुत सुकून मिलता है, प्रभु के ध्यान में, सारी दुनिया सिमट जाती है *जय श्री राधे राधे* के नाम से जी..

सविता
May 7, 2026
Radhe radhe 🙏🌹

Shah 🩷
May 7, 2026
*🪷 जय श्री राधे कृष्ण 🪷*

My Mandir good by
May 7, 2026
“बहुत सुंदर भाव 🙏 राधा-कृष्ण का प्रेम सच में आत्मा को शांति और भक्ति से भर देता है। हर पंक्ति मन को वृंदावन का अनुभव करा रही है 🌸 राधे राधे”
