
Rama Devi Sahu
12 hours ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 24 सितम्बर 2026* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - भाद्रपद* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - त्रयोदशी रात्रि 11:18 तक तत्पश्चात् चतुर्दशी* *⛅नक्षत्र - धनिष्ठा सुबह 10:35 तक तत्पश्चात् शतभिषा* *⛅योग - धृति दोपहर 03:55 तक तत्पश्चात् शूल* *⛅राहुकाल - दोपहर 01:49 से दोपहर 03:20 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:16* *⛅सूर्यास्त - 06:21 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:41 से प्रातः 05:29 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:55 से दोपहर 12:43 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:55 से मध्यरात्रि 12:43 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - प्रदोष व्रत* *🌥️विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 👉🏻 *24 सितंबर के दुर्लभ संयोग पर करले यह कार्य चूकना मत* 🌷 *अनंत चतुर्दशी* 🌷 ➡ *25 सितम्बर 2026 शुक्रवार को अंनत चतुर्दशी है ।* 🙏🏻 *भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनन्त चतुर्दशी कहा जाता है। इस दिन अनन्त भगवान की पूजा करके संकटों से रक्षा करने वाला अनन्तसूत्र बांधा जाता है।* 🙏🏻 *कहा जाता है कि जब पाण्डव जुएं में अपना सारा राज-पाट हारकर वन में कष्ट भोग रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अनन्तचतुर्दशी का व्रत करने की सलाह दी थी। धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों तथा द्रौपदी के साथ पूरे विधि-विधान से यह व्रत किया तथा अनन्तसूत्रधारण किया। अनन्तचतुर्दशी-व्रत के प्रभाव से पाण्डव सब संकटों से मुक्त हो गए।* 🙏🏻 *व्रत-विधान-व्रतकर्ता प्रात:स्नान करके व्रत का संकल्प करें। शास्त्रों में यद्यपि व्रत का संकल्प एवं पूजन किसी पवित्र नदी या सरोवर के तट पर करने का विधान है, तथापि ऐसा संभव न हो सकने की स्थिति में घर में पूजागृह की स्वच्छ भूमि पर कलश स्थापित करें। कलश पर शेषनाग की शैय्यापर लेटे भगवान विष्णु की मूर्ति अथवा चित्र को रखें। उनके समक्ष चौदह ग्रंथियों (गांठों) से युक्त अनन्तसूत्र (डोरा) रखें। इसके बाद “ॐ अनन्तायनम:” मंत्र से भगवान विष्णु तथा अनंतसूत्र की षोडशोपचार-विधिसे पूजा करें। पूजनोपरांत अनन्तसूत्र को मंत्र पढकर पुरुष अपने दाहिने हाथ और स्त्री बाएं हाथ में बांध लें-* 🌷 *अनंन्तसागर महासमुद्रे मग्नान्समभ्युद्धर वासुदेव।* *अनंतरूपे विनियोजितात्माह्यनन्तरूपाय नमो नमस्ते॥* 🙏🏻 *अनंतसूत्र बांध लेने के पश्चात किसी ब्राह्मण को नैवेद्य (भोग) में निवेदित पकवान देकर स्वयं सपरिवार प्रसाद ग्रहण करें। पूजा के बाद व्रत-कथा को पढें या सुनें। कथा का सार-संक्षेप यह है- सत्ययुग में सुमन्तु नाम के एक मुनि थे। उनकी पुत्री शीला अपने नाम के अनुरूप अत्यंत सुशील थी। सुमन्तु मुनि ने उस कन्या का विवाह कौण्डिन्यमुनि से किया। कौण्डिन्यमुनि अपनी पत्नी शीला को लेकर जब ससुराल से घर वापस लौट रहे थे, तब रास्ते में नदी के किनारे कुछ स्त्रियां अनन्त भगवान की पूजा करते दिखाई पडीं। शीला ने अनन्त-व्रत का माहात्म्य जानकर उन स्त्रियों के साथ अनंत भगवान का पूजन करके अनन्तसूत्र बांध लिया। इसके फलस्वरूप थोडे ही दिनों में उसका घर धन-धान्य से पूर्ण हो गया।* 🌷 *कथा* 🙏🏻 *एक दिन कौण्डिन्य मुनि की दृष्टि अपनी पत्नी के बाएं हाथ में बंधे अनन्तसूत्र पर पडी, जिसे देखकर वह भ्रमित हो गए और उन्होंने पूछा-क्या तुमने मुझे वश में करने के लिए यह सूत्र बांधा है? शीला ने विनम्रतापूर्वक उत्तर दिया-जी नहीं, यह अनंत भगवान का पवित्र सूत्र है। परंतु ऐश्वर्य के मद में अंधे हो चुके कौण्डिन्यने अपनी पत्नी की सही बात को भी गलत समझा और अनन्तसूत्रको जादू-मंतर वाला वशीकरण करने का डोरा समझकर तोड दिया तथा उसे आग में डालकर जला दिया। इस जघन्य कर्म का परिणाम भी शीघ्र ही सामने आ गया। उनकी सारी संपत्ति नष्ट हो गई। दीन-हीन स्थिति में जीवन-यापन करने में विवश हो जाने पर कौण्डिन्यऋषि ने अपने अपराध का प्रायश्चित करने का निर्णय लिया। वे अनन्त भगवान से क्षमा मांगने हेतु वन में चले गए। उन्हें रास्ते में जो मिलता वे उससे अनन्तदेवका पता पूछते जाते थे। बहुत खोजने पर भी कौण्डिन्यमुनि को जब अनन्त भगवान का साक्षात्कार नहीं हुआ, तब वे निराश होकर प्राण त्यागने को उद्यत हुए। तभी एक वृद्ध ब्राह्मण ने आकर उन्हें आत्महत्या करने से रोक दिय
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Sep 24, 2026
🌿🙏 जय श्री कृष्णा 🙏🌿 ✨ जिस घर में प्रभु का नाम गूंजता है, वहाँ सुख-शांति स्वयं चली आती है। ✨ 🪷 आज गुरुवार के पावन दिन भगवान विष्णु के इस दिव्य मंत्र का स्मरण करें— “ॐ कृष्ण कृष्णाय वासुदेवाय हरि परमात्मने” 🙏 💛 प्रभु विष्णु की कृपा से जीवन में शांति, सकारात्मकता और मंगल बना रहे। 🌸 सच्चे मन से लिया गया प्रभु का नाम हर पल मन को सहारा देता है।

सविता
Sep 24, 2026
सच्ची समृद्धि: "जहाँ लक्ष्मी और नारायण का वास होता है, वहाँ दुःख नहीं रहता और घर में केवल धन ही नहीं, बल्कि परम आनंद और शांति का संचार होता है।"
