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😊 यहाँ संदेश का हिंदी अनुवाद है: 📚📚📚 _💥 हर जैन श्रावक, श्राविका को रोज कम से कम एक सामायिक करनी चाहिए..._ _☝️क्यों...???_ _जानें... समझें... और दूसरों को समझाएं..._ _बारह व्रत में से नौवां "सामायिक" व्रत करने से..._ _"द्रव्य रोग" यानी (शारीरिक बाधा) और "भाव रोग" यानी (मिथ्यात्व) से मुक्ति मिलती है..._ _सामायिक करने से "समता" नामक गुण का लाभ होता है और "कषायों" का त्याग होता है..._ _सामायिक की ४८ मिनट..._ _हमारे परमात्मा बनने में सहायक अमोघ शस्त्र है..._ _सामायिक के प्रभाव से अनंत आत्माएं मोक्ष गई हैं..._ _मोक्ष जाती हैं..._ _और मोक्ष जाने वाली हैं..._ _यह सामायिक ही है जिसे "करेमी भंते" उच्चारण करके अनंतलब्धि निधान श्री गौतम स्वामीजी ने १५०३ तपस्वियों को केवल ज्ञान उत्पन्न कराया था..._ _तीर्थंकर परमात्मा भी सामायिक के पचक्खाण स्वरूप श्री करेमी भंते सूत्र उच्चारण करते हैं तभी चौथा ज्ञान श्री मन पर्यव ज्ञान होता है... यह एक सामायिक के करेमी भंते का ही प्रभाव है...!_ 🔵🟡🔵🟡🔵🟡🔵 _परम पूज्य "श्री उमा स्वाति महाराज ने श्री तत्वार्थ में कहा है कि... "सामायिक" पद मात्र से अनंत सिद्ध हुए हैं..._ _एक सामायिक करने से प्रभु पूजा करने से भी ज्यादा लाभ है... क्योंकि..._ _सामायिक में पाप व्यापार का त्याग है..._ _साधु धर्म की झांकी है और..._ _छह काय के जीवों की रक्षा होती है तथा..._ _दश मन, दश वचन, और बारह काय के ३२ दोषों का भी त्याग होता है..._ 🧘‍♂️🧘‍♀️🧘‍♂️🧘‍♀️🧘‍♂️🧘‍♀️🧘‍♂️ _👉 सामायिक की ४८ मिनट को पांच प्रकार की आराधना में विभाजित किया जाता है..._ _👉 ०१.. पहले १० मिनट आत्मा का विचार करना..._ _👉 ०२.. अगले १० मिनट परमात्मा का विचार करना..._ _👉 ०३.. अगले १० मिनट तीनों लोक के सभी तीर्थों की यात्रा करना..._ _👉 ०४.. अगले १० मिनट श्री नमस्कार महामंत्र का जाप करना और..._ _👉 ०५.. अगले ८ मिनट कर्मक्षय के लिए धारदार शस्त्र जैसा काउसग्ग करना..._ _श्री अरिहंत परमात्मा ने फरमाया है कि सामायिक धर्म की ऐसी साधना से..._ _आत्मा पर लगे अनंत जन्मों के अशुभ कर्मों का क्षय होता है और कर्मों से दबे हुए आत्मा के ज्ञान, दर्शन, चारित्र आदि महान गुणों का प्रगटीकरण होता है..._ _सामायिक तो..._ _पहले गुरु भगवंत की समक्ष और उनकी निश्रा में ही करनी है और..._ _मोपत्ती के ५० बोल बोलकर पडिलेहन करने से सामायिक की महत्ता बढ़ जाती है..._ _🏳️‍🌈 समभाव से दो घड़ी का सामायिक करने वाला आत्मा..._ _९२५९२५९२५ ऊपर ३/८ पल्योपम का देवलोक का आयुष्य बांधता है..._ _🏳️‍🌈 समभाव से एक सामायिक करने का फल..._ _🏳️‍🌈 एक मनुष्य रोज लाख खंडी सोने का दान करने से जो फल मिलता है उससे भी ज्यादा है..._ _🏳️‍🌈 एक सामायिक करने से ४ करोड़ किलो सोने का दान करने से जो लाभ होता है उससे भी ज्यादा लाभ है..._ _एक सामायिक करने की सरल और सहज समझ..._ _एक दिन के २४ घंटे..._ _एक दिन की १४४० मिनट में से हमें सिर्फ ४८ मिनट ही सामायिक के लिए यानी अपने आत्मा के लिए फालवाना है... कितना सरल है सामायिक...!_ _एक दिन की ८६४०० सेकंड में से हमें अपने आत्मा के लिए सिर्फ २८८० सेकंड ही सामायिक में रहना है... जो कितना सहज है...!_ _पंडितवर्य श्री धीरजभाई महेता अपने पुस्तक श्री "स्नात्र पूजा सार्थ" में बताते हैं कि..._ _एक व्यक्ति सामायिक उचरे तो ०१ सामायिक का लाभ मिलता है..._ _दो व्यक्ति एक साथ सामायिक उचरे तो ११ सामायिक का लाभ मिलता है..._ _तीन व्यक्ति साथ सामायिक उचरे तो १११ सामायिक का लाभ मिलता है..._ _चार व्यक्ति साथ सामायिक उचरे तो ११११ सामायिक का लाभ मिलता है..._ _पांच व्यक्ति साथ सामायिक उचरे तो १११११ सामायिक का लाभ मिलता है..._ _तो चलो...!_ _आज से... अरे अभी से ही... हम इस अदभुत फलदायी सामायिक की आराधना साधना में जुड़ जाएं और "परमात्मा की आज्ञा का पालन कर आत्म कल्याण करें..."_ _👉 एक खास नोट..._ _सामायिक करते समय अविची आती है तो ऐसा नहीं बोलना चाहिए कि..._ _"अविची में सामायिक करने से तो सामायिक न करना ही अच्छा है..."_ _यह उत्सूत्र वचन कहलाता है और ऐसे वचन और विचार से हमारा संसार बहुत बढ़ जाता है..._ _👉 दोष वाला भी सामायिक करते हुए उसका अभ्यास करने से दोष रहित हो सकता है..._

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