
प्रभा त्रिपाठी
446 days ago
राम।।🍁 *..भगवान् राजी हो जायँगे..*✨ घरमें जितनी चीजें हैं, वे भी भगवान् की ही हैं। घर भगवान् का और आप भी भगवान् के तो फिर चीजें किसी दूसरेकी हो सकती हैं क्या ? इसलिये माताओं और बहनोंको चाहिये कि उन भगवान् की चीजोंको लेकर रसोई बनायें। मनमें समझें कि ओहो, मैं तो ठाकुरजीको भोग लगानेके लिये प्रसाद बना रही हूँ ! प्रसाद बनाकर ठाकुजीको भोग लगायें और भोग लगाकर घरके जितने लोग हैं, उनको ठाकुरजीके ही जन (पाहुने) समझकर प्रसाद जिमायें। ऐसा मानें कि ये सब ठाकुरजीके प्यारे जन हैं, ठाकुरजीके प्यारे लाड़ले हैं, इनको भोजन करा रही हूँ! जैसे किसी बच्चेको प्यार करें तो उसकी माँ राजी हो जाती है, ऐसे ही भगवान् के बालकोंकी सेवा करें तो भगवान् राजी हो जायँगे। कैसी मौजकी बात है! भगवान् की रसोई बनायी, भगवान् को ही भोग लगाया और भगवान् के ही बालकोंको वह भोग, प्रसाद जिमा दिया। अपने भी भोजन करें तो ठाकुरजीका प्रसाद समझते हुए भोजन करें। *राम ! राम !! राम !!!* परम् श्रद्धेय स्वामी जी श्रीरामसुखदास जी महाराज *सत्संगका चमत्कार !* पृष्ठ सं० ५३
Comments (5)

Rama Devi Sahu
Jun 11, 2025
Ram Ram Jii, Subha Ratri Jii 🙏🌹🌹

Dhara Mehta
Jun 11, 2025
જયશ્રી રામ

Rama Devi Sahu
Jun 10, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Subha Sandhya Vandan Jii 🙏🌹🌹

Deepak karki
Jun 10, 2025
ram ram ji jay shree radhey radhey ji

Hansha Joshi
Jun 10, 2025
Jai shree krishna 🙏
