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Rama Devi Sahu

324 days ago

बिलकुल 🌺 यहाँ भगवान श्रीकृष्ण का एक “असुना किन्तु अत्यन्त भावपूर्ण प्रसंग” प्रस्तुत है — जो बहुत कम लोगों को ज्ञात है👇 --- 🌿 प्रसंग: “कृष्ण की करुणा — चतुर्भुज बालक का उद्धार” एक बार द्वारका में एक वृद्ध ब्राह्मण ने भगवान श्रीकृष्ण के दरबार में आकर रुदन करते हुए कहा — > “हे द्वारकाधीश! मेरे सभी पुत्र जन्म लेते ही मर जाते हैं। न जाने कौन-सा पाप किया है मैंने कि वंश ही समाप्त हो रहा है।” यह सुनकर द्वारका के सब लोग मौन हो गए। अर्जुन, जो उस समय श्रीकृष्ण के साथ बैठे थे, बोले — > “हे ब्राह्मण! मैं प्रतिज्ञा करता हूँ — यदि तेरे अगले पुत्र को कुछ हुआ, तो मैं उसे स्वयं बचाकर लाऊँगा, अन्यथा अग्नि में प्रवेश कर प्राण त्याग दूँगा!” ब्राह्मण को भरोसा हुआ और उसने फिर पुत्र प्राप्त किया। परन्तु वही हुआ — बालक जन्म लेते ही गायब हो गया। अर्जुन ने दिव्य दृष्टि लगाई, ब्रह्मलोक, यमलोक, इन्द्रलोक, पाताल तक खोजा — परन्तु बालक कहीं नहीं मिला। अब अर्जुन लज्जित होकर अग्नि में प्रवेश करने लगे। तभी भगवान श्रीकृष्ण ने मुस्कुराते हुए अर्जुन का हाथ थामा और कहा — > “पार्थ! चलो, मैं बताता हूँ, वह बालक कहाँ गया है।” श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से आकाश मार्ग खोला। वे दोनों उस मार्ग से पार होकर विष्णुधाम पहुँचे। वहाँ भगवान के समान चतुर्भुज रूप वाले एक तेजस्वी बालक को देखा। वह बालक मुस्कुराकर बोला — > “हे प्रभो! मैं आप ही का अंश हूँ। जब आप पृथ्वी पर अवतरित हुए, तब मैंने इच्छा की थी कि मैं भी आपके सान्निध्य में जन्म लूँ। परन्तु जब आपने लीला पूरी कर ली, तब मुझे आपके धाम में लाया गया। अब अर्जुन की भक्ति देखकर मैं फिर मानव लोक में जाने को तैयार हूँ।” भगवान श्रीकृष्ण ने प्रसन्न होकर कहा — > “वत्स! अब लौटो, तेरे पिता की गोद में फिर से जीवन का आनंद लो।” वह बालक उनके साथ लौट आया। ब्राह्मण ने जब अपने पुत्र को जीवित देखा तो आनंदाश्रुओं से भगवान के चरणों में गिर पड़ा। --- 🌸 भावार्थ : यह प्रसंग दिखाता है कि — > 🌼 भक्त के वचन की रक्षा के लिए भगवान स्वयं चलकर आते हैं। 🌼 कृष्ण के लिए कुछ भी असंभव नहीं — वे प्रेम और श्रद्धा से बंध जाते हैं। 🙏🌹 Bhakt or Bhagvan 🌹🙏 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 11, 2025

Jai Shree Krishna 🙏 Radhe Radhe 🙏 Subha Sandhya Vandan Jii 🙏🌹🌹

Pannalal Chouhan

Pannalal Chouhan

Oct 11, 2025

जय श्री राधे कृष्णा जी राधे राधे