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Rama Devi Sahu

154 days ago

माँ : एक अनकहा ब्रह्मांड घर की देहरी पर जो पहली रोशनी दिखती है, वो सूरज की नहीं तेरी आँखों का उजाला होता है, माँ। तू बोलती कम है, पर तेरे मौन में इतिहास की सबसे लम्बी कथाएँ पलती हैं जहाँ हर शब्द से पहले त्याग जन्म लेता है। मेरे बचपन की ठंडी रातों में तूने नींद को ओढ़ा नहीं, जाग-जागकर मेरे सपनों को कंबल की तरह ढँका है। तूने कभी अपने लिए आसमान नहीं माँगा, पर मेरी हथेलियों में पूरा गगन रख दिया बिना शोर, बिना शर्त। जब मैं शब्दों में उलझ जाता हूँ, तू अर्थ बनकर खड़ी हो जाती है; जब मैं रास्ते भूलता हूँ, तू दिशा की तरह साथ चलती है। माँ, तू कोई उपमा नहीं क्योंकि हर उपमा तेरे सामने छोटी पड़ जाती है; तू वो वह विराम है जिसके बिना जीवन की कविता सिर्फ अधूरी पंक्तियाँ रह जाती हैं। और सच तो ये है मैं जितना बड़ा होता जाता हूँ, उतना ही छोटा पड़ता जाता हूँ तेरे आगे।

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Comments (4)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

May 10, 2026

माँ ओं माँ माँ तो माँ होती है माँ बढ़कर कोई नहीं , माँ माँ होती है माँ के समान भी कोई नहीं, प्यार, प्रेम, स्नेह,ममता,समर्पण से माँ को माँ माता,मैया,मम्मी,अम्मा,आई,मम्मा और mother के नाम से पुकारते है , माँ न होती तो ये सृष्टि न होती, माँ सृष्टि रचयिता है , माँ जग जननी है, पूज्यनीय है , आदरणीय है और वंदनीय है, माँ नो दुर्गे है,वैष्णों है,शक्ति पीठ है,सब जगत रक्षक है , माँ गंगोत्री यमुनोत्री सरस्वती है तो वो ही गंगा यमुना सरस्वती है, माँ काली लक्ष्मी सरस्वती है तो वी ही उमा रामा ब्रह्मणी है , माँ गायत्री सावित्री शीतला है तो माँ कात्यानी चामुंडा केला है, माँ कौशल्या कैकेयी सुमित्रा है तो माँ सुनयना जानकी अंजनी है , माँ यशोधा देवकी रोहिणी है तो माँ योगमाया बंदी नंदी चन्द्रावली मनसा है, माँ सती गौरी अन्नपूर्णा है तो माँ रानी प्रसूति माता मैनावती है, माँ कीर्ति ,शुध्द मति ,सुनयना देवी है तो राधा रुखमणी सीता रेवती है, पर सब पे भारी मेरी बरसाने वाली किशोरी लाड़ली स्वामिनी श्री राधा रानी ही है, माँ के अलग अलग नाम है पर वे कृपामयी करुणामयी दयामयी है , माँ का स्वभाव एक ही है चाहे वो मनुष्य पशु पक्षी जीवजंतु कोई है, माँ का हृदय कोमल पवित्र निर्मल है न ही उसको शब्दों में उतारा जा सकता है या न ही दिखाया जा सकता है । हे माँ तू कितनी सुंदर है, तू कितनी अच्छी है प्यारी प्यारी है ओं माँ ओं माँ। यह कविता प्रभु की प्रेरणा से बन गई है, शायद आप सब को अच्छी लगे। कोई त्रुटि हो तो क्षमा करें ।

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

May 10, 2026

माँ ओं माँ माँ तो माँ होती है माँ बढ़कर कोई नहीं , माँ माँ होती है माँ के समान भी कोई नहीं, प्यार, प्रेम, स्नेह,ममता,समर्पण से माँ को माँ माता,मैया,मम्मी,अम्मा,आई,मम्मा और mother के नाम से पुकारते है , माँ न होती तो ये सृष्टि न होती, माँ सृष्टि रचयिता है , माँ जग जननी है, पूज्यनीय है , आदरणीय है और वंदनीय है, माँ नो दुर्गे है,वैष्णों है,शक्ति पीठ है,सब जगत रक्षक है , माँ गंगोत्री यमुनोत्री सरस्वती है तो वो ही गंगा यमुना सरस्वती है, माँ काली लक्ष्मी सरस्वती है तो वी ही उमा रामा ब्रह्मणी है , माँ गायत्री सावित्री शीतला है तो माँ कात्यानी चामुंडा केला है, माँ कौशल्या कैकेयी सुमित्रा है तो माँ सुनयना जानकी अंजनी है , माँ यशोधा देवकी रोहिणी है तो माँ योगमाया बंदी नंदी चन्द्रावली मनसा है, माँ सती गौरी अन्नपूर्णा है तो माँ रानी प्रसूति माता मैनावती है, माँ कीर्ति ,शुध्द मति ,सुनयना देवी है तो राधा रुखमणी सीता रेवती है, पर सब पे भारी मेरी बरसाने वाली किशोरी लाड़ली स्वामिनी श्री राधा रानी ही है, माँ के अलग अलग नाम है पर वे कृपामयी करुणामयी दयामयी है , माँ का स्वभाव एक ही है चाहे वो मनुष्य पशु पक्षी जीवजंतु कोई है, माँ का हृदय कोमल पवित्र निर्मल है न ही उसको शब्दों में उतारा जा सकता है या न ही दिखाया जा सकता है । हे माँ तू कितनी सुंदर है, तू कितनी अच्छी है प्यारी प्यारी है ओं माँ ओं माँ। यह कविता प्रभु की प्रेरणा से बन गई है, शायद आप सब को अच्छी लगे। कोई त्रुटि हो तो क्षमा करें ।

बरखा शर्मा null

बरखा शर्मा

May 10, 2026

Happy Mother's Day 🙏💐🎉

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

May 10, 2026

मां कोई दिन नहीं है जी मा K बिना तो एक क्षण भी अपूर्ण है और मां की प्रशंसा K लिए सारे शब्द हल्के प्रतीत होते हैं मां तो करुणामय दयामय धैर्य शीतल छाया संवेदना की मूर्त रूप है मातृत्व वात्सलय दिवस कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं सदेव हस्ते मुस्कराते हर्षोल्लास उत्साह उमंग आनंदमय खुशियों से परिपूर्ण रहे 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏