
Rama Devi Sahu
11 hours ago
मनुस्मृति का अमर वचन — धर्म की रक्षा करने वाला स्वयं धर्म से सुरक्षित रहता है, और जो धर्म का नाश करता है, वही अंततः स्वयं नष्ट हो जाता है। धर्म केवल ग्रंथों में लिखा नियम नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा करने वाला सत्य मार्ग है। जो समाज धर्म को छोड़ देता है, वह धीरे-धीरे स्वयं अपने पतन का कारण बनता है। इसलिए धर्म का अपमान नहीं, धर्म का आचरण करें — क्योंकि धर्म ही मानव का वास्तविक रक्षक है। 🕉️ धर्मो रक्षति रक्षितः 🕉️
Comments (5)

Rama Devi Sahu
Sep 20, 2026
सभी मनु कि संतान है मनु पुत्र है होने के नाते हम मनुष्य मानव कहलाऐ जाते है जो मनुस्मृति को नही मानते है वो अपने को मानव नही दानव ही समझें😊

R k jangid phulera Jaipur
Sep 20, 2026
अति सुंदर पोस्ट🙏 मनुस्मृति में विचार किया जाए तो बहुत ही अच्छी चीज है 🙏

Rama Devi Sahu
Sep 20, 2026
📜 मनुस्मृति में धर्म के दस लक्षण मनुस्मृति में धर्म के दस लक्षण बताये गये हैं जो इस प्रकार हैं – धृति क्षमा दमोऽस्तेयं शौचमिन्द्रिय निग्रहः। धीर्विद्या सत्यमक्रोधो दशकं धर्मलक्षणम्॥ (मनुस्मृति 6.92) धैर्य, सहनशीलता, काम एवं लोभ पर संयम, चोरी न करना, कायिक, मानसिक एवं वाचिक पवित्रता, इन्द्रियों पर अधिकार, ज्ञान, अध्ययनशीलता, सत्य का आचरण, क्रोध का अभाव। धर्म • धैर्य • सत्य • शौच 🙏

Rama Devi Sahu
Sep 20, 2026
Pehle Man me Aache Vichar Sochne Chayiye...tho Hamara Dharm pr koi bhi kuch nhi Kaha ne Paye....

Kapil Tyagi
Sep 20, 2026
जय हो सही कहा है
