
Rama Devi Sahu
148 days ago
1. आदि अंत का पता नहीं: इस पंक्ति का अर्थ है कि शिव 'अनादि' (जिसका कोई आरंभ न हो) और 'अनंत' (जिसका कोई अंत न हो) हैं। वे समय और काल के चक्र से परे हैं। न तो कोई यह जानता है कि वे कब प्रकट हुए और न ही उनके अस्तित्व का कोई अंत है। वे शाश्वत हैं। 2. शून्य रूप महराज: शिव को 'शून्य' कहा गया है। तंत्र और दर्शन में शून्य का अर्थ 'अभाव' नहीं, बल्कि 'पूर्णता' है। जैसे गणित में शून्य से ही सब अंक निकलते हैं, वैसे ही शिव वह शून्य हैं जिससे पूरी सृष्टि उत्पन्न होती है और अंत में उसी में विलीन हो जाती है। वे निराकार ब्रह्म का प्रतीक हैं। 3. कण-कण भीतर आप हो: शिव केवल कैलाश या मंदिरों में ही नहीं, बल्कि संसार के हर छोटे से छोटे परमाणु (कण) में वास करते हैं। वे जड़ और चेतन, दोनों में मौजूद हैं। यह भाव अद्वैत दर्शन को दर्शाता है कि आत्मा और परमात्मा एक ही हैं। 4. राखो सबकी लाज: यह भक्त की करुण पुकार है। जब हमें यह बोध हो जाता है कि ईश्वर हर जगह है और वही सर्वशक्तिमान है, तब हम स्वयं को उन्हें सौंप देते हैं। भक्त प्रार्थना कर रहा है कि हे प्रभु, आप तो घट-घट की जानने वाले हैं, इस संसार में हमारी मर्यादा और सम्मान की रक्षा करना आपका ही दायित्व है।
Comments (8)

Rama Devi Sahu
Apr 10, 2026
Ji Namaste 🙏 Subah Sandhya Vandan Jii 🙏🌹🌹

Rohit Patel
Apr 6, 2026
जी ❤️💞💕💞💕💞

Rama Devi Sahu
Apr 6, 2026
🙏🔱 Jai Shree Mahakaal 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏 Shubha Sandhya Vandan Jii 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Apr 6, 2026
🙏🔱 Jai Shree Mahakaal 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏 Shubha Sandhya Vandan Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Apr 6, 2026
🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏 Shubha Sandhya Vandan Jii 🌹🌹

RAJPUT
Apr 6, 2026
JAY SHREE MAHAKAAL 🙏

R k jangid phulera Jaipur
Apr 6, 2026
जय महाकाल की 🌹🙏

Radhe 🌹
Apr 6, 2026
OM Namah Shivay 🙏 Good Morning Ji 🙏
