
Rama Devi Sahu
49 days ago
ॐ गं गणपतये नमः 🙏 🗓️ गजानन संकष्टी चतुर्थी: 2 अगस्त 2026, रविवार 🗓️ चंद्रोदय: लगभग रात 09:37–09:38 बजे श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गजानन संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। यह पावन व्रत भगवान श्री गणेश की आराधना, संयम और शुभ संकल्प से जुड़ा है। भगवान गणेश को मंगलकर्ता और विघ्नहर्ता कहा गया है, किसी भी मंगल कार्य को करने से पहले भगवान गणेश का नाम लिया जाता है। इस दिन प्रातः स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें। भगवान गणेश को दूर्वा, पुष्प, अक्षत, चंदन, धूप, दीप और मोदक या लड्डू अर्पित करें। ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें और संकष्टी व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें। संकष्टी चतुर्थी में चंद्रोदय के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण करने की परंपरा है।

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