
Rama Devi Sahu
161 days ago
🙏🏻🌺 नवरात्र चौथा दिन- माँ कुष्मांडा🌺🙏🏻 नवरात्र का चौथा दिन मां कुष्मांडा को समर्पित है, जो सृष्टिकर्ता, ऊर्जा और तेज की देवी हैं। चैत्र नवरात्रि २०२६ में कल २२ मार्च को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप देवी कूष्मांडा की पूजा की जानी है। चैत्र नवरात्रि को साल की पहली नवरात्रि भी कहा जाता है🙏🏻🌹🙏🏻 मान्यता है कि मां कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से सृष्टि की रचना की, इनके आशीर्वाद से सेहत, ऊर्जा और समृद्धि की प्राप्ति होती है🌹🙏🏻🌹 मां कूष्मांडा व्रत पूजा विधि- चैत्र नवरात्रि २०२६ का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है। इस दिन इनकी पूजा करने के लिए सबसे पहले सुबह उठकर स्नान कर हाथों में फूल लेकर देवी को प्रणाम करना चाहिए। इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें और मां कूष्मांडा समेत सभी देवियों की पूजा करें। माता रानी की कथा सुनें इनके मंत्रों का जाप करते हुए ध्यान करें और आखिर में आरती उतारकर सभी लोगों में माता के प्रिय भोग का प्रसाद वितरण करें🙏🏻🌹🙏🏻 कूष्मांडा देवी से जुड़े मंत्र-🙏🏻🌹🙏🏻 नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा करने के बाद- या देवी सववभूतेषु मां कुष्मांडा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। मूल मंत्र- ॐ देवी कुष्माण्डायै नमः। बीज मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्माण्डायै नमः। स्तुति मंत्र- सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे।। ध्यान मंत्र- वन्दे वांछित कामर्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्। सिंहरूढ़ा अष्टभुजा कूष्मांडा यशस्वनीम्।। कूष्मांडा देवी का भोग🙏🏻🌹🙏🏻 मां कूष्मांडा को हरे रंग का भोग काफी प्रिय है। माता को हरे रंग के फल जैसे हरे केले, अंगूर और शरीफ का भोग लगाया जाता है। इसके अलावा माता को मालपूए का भोग काफी प्रिय है। कहते हैं कि, माता को उनके पसंद का भोग लगाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है🙏🏻 मां कूष्मांडा का प्रिय रंग-🙏🏻🌹🙏🏻 देवी दुर्गा के चौथे रूप मां कूष्मांडा को पीला, नारंगी और हरा रंग काफी प्रिय है। ये तीन ही रंग ऊर्जा, प्रसन्नता और गति के प्रतीक माने जाते हैं। मां कूष्मांडा की पूजा करने के दौरान इन रंगों के वस्त्र धारण Self शुभ माना जाता है🙏🏻🌹🙏🏻 🙏🏻🌺जय माँ आदिशक्ति कुषमांडा 🌺🙏🏻 🌺🙏🏻🌺जय माता दी 🌺🙏🏻🌺

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