
Rama Devi Sahu
11 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 11 अक्टूबर 2026* *⛅दिन - रविवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - आश्विन* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - प्रतिपदा रात्रि 09:30 तक तत्पश्चात् द्वितीया* *⛅नक्षत्र - चित्रा रात्रि 10:32 तक तत्पश्चात् स्वाती* *⛅योग - वैधृति रात्रि 09:05 तक तत्पश्चात् विष्कम्भ* *⛅राहुकाल - शाम 04:37 से शाम 06:05 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:22* *⛅सूर्यास्त - 06:05 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:44 से प्रातः 05:33 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:50 से दोपहर 12:37 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:49 से मध्यरात्रि 12:38 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - शारदीय नवरात्र प्रारम्भ, घटस्थापना, महाराजा अग्रसेन जयंती, द्विपुष्कर योग (रात्रि 09:30 से रात्रि 10:32 तक)* *🌥️विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *श्रीरामचरितमानस* दोहा : *मैं आउब सोइ बेषु धरि पहिचानेहु तब मोहि।* *जब एकांत बोलाइ सब कथा सुनावौं तोहि॥169॥* भावार्थ:-मैं वही (पुरोहित का) वेश धरकर आऊँगा। जब एकांत में तुमको बुलाकर सब कथा सुनाऊँगा, तब तुम मुझे पहचान लेना॥169॥ चौपाई : *सयन कीन्ह नृप आयसु मानी। आसन जाइ बैठ छलग्यानी॥* *श्रमित भूप निद्रा अति आई। सो किमि सोव सोच अधिकाई॥1॥* भावार्थ:-राजा ने आज्ञा मानकर शयन किया और वह कपट-ज्ञानी आसन पर जा बैठा। राजा थका था, (उसे) खूब (गहरी) नींद आ गई। पर वह कपटी कैसे सोता। उसे तो बहुत चिन्ता हो रही थी॥1॥ *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

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