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3 शिव मंदिर दिखाए गए हैं, वो भारत के बाहर के सबसे प्रसिद्ध और सबसे बड़े शिव मंदिरों में गिने जाते हैं। चलिए एक-एक को विस्तार से समझते हैं। 🙏 1. मुन्नेश्वरम मंदिर - श्रीलंका *स्थान:* पुतलम जिला, उत्तर-पश्चिम प्रांत, श्रीलंका। चिलाव शहर से थोड़ा बाहर। *संबंध रामायण से:* ये मंदिर पंच-ईश्वरम में से एक है। ये वो 5 प्राचीन शिव मंदिर हैं जिन्हें रावण ने स्वयं बनवाया था। कथा ये है कि रावण वध के बाद जब भगवान राम लंका से अयोध्या लौट रहे थे, तो उन्हें ब्रह्महत्या का दोष लगा, क्योंकि रावण ब्राह्मण था और शिव का परम भक्त था। इस दोष से मुक्ति के लिए भगवान राम ने जिस जगह रुककर शिवलिंग की पूजा की थी, वही स्थान आज मुन्नेश्वरम कहलाता है। *विशेषता:* - यहाँ का शिवलिंग बहुत ही प्राचीन माना जाता है। - हर साल यहाँ फरवरी-मार्च में महाशिवरात्रि पर बहुत बड़ा मेला लगता है, जिसमें श्रीलंका के तमिल और सिंहली दोनों धर्म के लोग आते हैं। - यह मंदिर द्रविड़ वास्तुकला में बना है, बिल्कुल तमिलनाडु के मंदिरों जैसा। 2. काउआई का हिंदू मठ - अमेरिका इसे सही में *Kauai Aadheenam* या *Kauai Hindu Monastery* कहते हैं। *स्थान:* काउआई द्वीप, हवाई, अमेरिका। ये अमेरिका का सबसे पुराना हिंदू मठ है। *स्थापना:* 1970 में अमेरिका में जन्मे, लेकिन शिव भक्ति में लीन हुए *सतगुरु शिवाय सुब्रमण्यम स्वामी* ने की थी। वे जाफना (श्रीलंका) के गुरु योगास्वामी के शिष्य थे। *दुनिया में सबसे अनोखा निर्माण:* वीडियो में जो बताया कि बिना मशीन-बिजली के हाथ से बना है, वो 100% सच है। यहाँ दो मुख्य मंदिर बन रहे हैं: - *इरैवन मंदिर:* ये पूरी तरह से सफेद ग्रेनाइट से बना शिव मंदिर है, जिसकी नक्काशी हाथ से की जा रही है। इसमें 3.2 मीटर ऊँचा स्फटिक का शिवलिंग है, जो दुनिया के सबसे बड़े स्फटिक शिवलिंगों में से एक है। इस मंदिर को बनाने में 40-50 साल लग रहे हैं और आज भी काम चल रहा है। - यहाँ के कारीगर भारत से गए हुए शिल्पी हैं जो सदियों पुरानी चोल शैली से पत्थर को हाथ से तराशते हैं, कोई बिजली की मशीन नहीं। यहाँ कोई पुजारी नहीं, बल्कि शिव के साधु रहते हैं जो योग और ध्यान करते हैं। 3. पशुपतिनाथ मंदिर - नेपाल यह भारत के बाहर स्थित *सबसे बड़ा और सबसे पवित्र शिव मंदिर* है। *स्थान:* काठमांडू, बागमती नदी के किनारे। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। *मूर्ति / शिवलिंग:* यहाँ दुनिया का एकमात्र *पंचमुखी शिवलिंग* है। लिंग पर शिव के 5 रूप बने हैं - सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष और ईशान। यह शिवलिंग जमीन में दबा हुआ है, ऊपर सिर्फ मुख ही दिखते हैं। *मान्यता जो वीडियो में है:* मान्यता है कि जीवन के अंतिम समय में यहाँ आकर दर्शन करने से या यहाँ देह त्यागने से व्यक्ति को मोक्ष मिलता है और उसे दोबारा पशु योनि में जन्म नहीं लेना पड़ता। क्योंकि पशुपति का अर्थ है - सभी जीवों (पशुओं) के स्वामी। जो पशु प्रवृत्ति से मुक्त होना चाहता है, वह यहाँ आता है। *और विशेष बातें:* - ये मंदिर नेपाली पैगोडा शैली में बना है, जिसमें चारों दरवाजे चांदी के हैं और छत सोने की है। - मंदिर के सामने बागमती नदी पर आर्य घाट है, जहाँ नेपाल के राजाओं से लेकर आम लोगों का अंतिम संस्कार होता है। - केवल हिंदुओं को ही गर्भगृह में जाने की अनुमति है। - सावन और महाशिवरात्रि पर यहाँ 10 लाख से ज्यादा भक्त आते हैं। ये तीनों मंदिर साबित करते हैं कि भगवान शिव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं, पूरी दुनिया में उनके भक्त हैं। हर हर महादेव 🔱🕉️🚩🇮🇳

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