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Rama Devi Sahu

401 days ago

🙏 नवरात्रि के पाँचवे दिन की आराध्या देवी हैं — माँ स्कंदमाता। माँ स्कंदमाता का स्वरूप और महत्व माँ स्कंदमाता को यह नाम इसलिए मिला क्योंकि ये भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं। इनका स्वरूप अत्यंत शांत और सौम्य है। माँ के चार हाथ हैं — दो हाथों में कमल, एक में स्कंद (कार्तिकेय) को गोद में और चौथा हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में रहता है। इनकी सवारी सिंह है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है। शास्त्रों से उद्धरण मार्कण्डेय पुराण (दुर्गा सप्तशती) में देवी का स्मरण इस प्रकार किया गया है — “या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥” अर्थात — जो देवी सम्पूर्ण प्राणियों में मातृभाव से विद्यमान हैं, उनको बार-बार प्रणाम है। वैज्ञानिक दृष्टि माँ स्कंदमाता ममता, करुणा और सुरक्षा का प्रतीक हैं। मनोविज्ञान कहता है कि माँ का स्नेह और स्पर्श बच्चे के मानसिक विकास और आत्मविश्वास के लिए सबसे बड़ा आधार होता है। आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि माँ की गोद में रहने से बच्चे का नर्वस सिस्टम मजबूत होता है और उसमें सुरक्षा व आत्मबल की भावना विकसित होती है। इसलिए स्कंदमाता की पूजा मनुष्य के भीतर करुणा, जिम्मेदारी और पोषण की शक्ति जागृत करती है। इस पावन दिन हम माँ स्कंदमाता से प्रार्थना करें कि वे हमें ममता, करुणा और धैर्य की शक्ति प्रदान करें, ताकि हम दूसरों के जीवन में प्रकाश और सुरक्षा का कारण बन सकें। 🙏 🌺जय माँ स्कंदमाता🙏🌺

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Comments (2)

Radhe Radhe null

Radhe Radhe

Sep 26, 2025

🌷🌷 गुड इवनिंग शुभ संध्या!! शुभ शुक्रवार संध्या वंदन*_*_जी बहन जी*_* जय माता दी।। मां आदिशक्ति देवी के पांचवे स्वरुप में स्कंदमाता।। के पूजन दिवस के अवसर पर आप और आपके पूरे परिवार को हार्दिक बधाई, एवं शुभकामनाएं। जी। जय माता दी।। ््््््ॐ 🌷🌷

Radhe Radhe null

Radhe Radhe

Sep 26, 2025

🙏🙏🙏🙏🙏