
Rama Devi Sahu
17 days ago
झारखंड के रामगढ़ जिले में भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर अपनी अनोखी मान्यता और रहस्यमयी विशेषताओं के लिए जाना जाता है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह बताई जाती है कि यहां शिवलिंग पर साल के 12 महीने और 24 घंटे लगातार जलाभिषेक होता रहता है। इसके लिए किसी श्रद्धालु को जल चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि एक प्राकृतिक जलधारा लगातार शिवलिंग पर गिरती रहती है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर लंबे समय से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। प्राकृतिक जलधारा के लगातार शिवलिंग पर गिरने की वजह से इसे लेकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था है। दूर-दूर से लोग इस अनोखे मंदिर के दर्शन करने और भगवान शिव का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। बताया जाता है कि मंदिर का इतिहास करीब एक सदी पुराना है और इसका संबंध वर्ष 1925 से है। उस समय देश में ब्रिटिश शासन था और इलाके में पानी की तलाश में खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान जमीन के नीचे एक गुंबदनुमा ढांचा दिखाई दिया। खुदाई को आगे बढ़ाया गया तो जमीन के अंदर दबा हुआ एक पूरा मंदिर सामने आया। इसके बाद लोगों को मंदिर के भीतर शिवलिंग के दर्शन हुए। मंदिर में प्राकृतिक जलधारा का लगातार प्रवाहित होना इसे अन्य शिव मंदिरों से अलग बनाता है। आज यह मंदिर रामगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। प्राकृतिक रूप से होने वाले लगातार जलाभिषेक को श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष कृपा और चमत्कार से जोड़कर देखते हैं। हालांकि, मंदिर से जुड़ी कई बातें स्थानीय मान्यताओं और आस्था पर आधारित हैं।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Aug 13, 2026
🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏 Shubha Sandhya Vandan Ji 🌹 Dhanyawad ❤️

Sanjay Ahlawat
Aug 13, 2026
बहुत खूब धन्यवाद शुभ संध्या
