
Rama Devi Sahu
125 days ago
🌿श्वासों के होते श्राप भी बन गया वरदान🌿 श्वांसों का आना-जाना ही जीवन का सत्य है। यह श्वास ही है जो सबकी उपस्थिति को दर्शाता है। श्वासों का सत्य सूर्य की तरह है जिसे अंधकार नहीं छिपा सकता क्योंकि श्वास अपना प्रकाश स्वयं लेकर चलता है। श्वास में इतनी शक्ति है कि घोर दुख भी सौभाग्य में परिवर्तित हो जाता है। इसे इस प्रकार समझें। महाराज दशरथ को जब सन्तान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे पर श्वास के होते उनको ऐसा हौसला मिलता था जो कभी उन्हें आशाहीन नहीं होने देता था। आश्चर्य की बात यह है कि इस हौसले की वजह किसी ऋषि-मुनि या देवता का वरदान नहीं बल्कि श्रवण के पिता का श्राप था। दशरथ जब-जब दुःखी होते थे तो उन्हें श्रवण के पिता का दिया श्राप याद आ जाता था। श्रवण के पिता ने यह श्राप दिया था कि जैसे मैं पुत्र वियोग में तड़प-तड़प कर मर रहा हूं, वैसे ही तू भी तड़प-तड़प कर मरेगा। दशरथ को पता था कि ये श्राप अवश्य फलीभूत होगा और इसका मतलब है कि मुझे इस जन्म में पुत्र जरूर प्राप्त होगा। तभी मैं पुत्र शोक में तड़प कर मरूंगा यानी यही श्राप दशरथ के लिए सन्तान प्राप्ति का सौभाग्य लेकर आया। ऐसी ही एक घटना सुग्रीव के साथ भी हुई। सुग्रीव जब सीताजी की खोज में वानर वीरों को पृथ्वी की अलग-अलग दिशाओं में भेज रहे थे तो उसके साथ-साथ उन्हें यह भी बता रहे थे कि किस दिशा में तुम्हें क्या मिलेगा और किस दिशा में तुम्हें जाना चाहिए या नहीं जाना चाहिये। प्रभु श्रीराम जी सुग्रीव का ये भूगोलिक ज्ञान देखकर हतप्रभ थे। उन्होंने सुग्रीव से पूछा कि तुमको ये सब कैसे पता है। तब सुग्रीव ने बताया कि जब मैं बाली के भय से मारा-मारा फिर रहा था तब पूरी पृथ्वी पर कहीं शरण न मिली। इस चक्कर में मैंने पूरी पृथ्वी छान मारी और इसी दौरान मुझे सारे भूगोल का ज्ञान हो गया। सोचिये, अगर सुग्रीव पर ये संकट न आया होता तो उन्हें भूगोल का ज्ञान नहीं होता और माता जानकी को खोजना कितना कठिन हो जाता। इसीलिए श्वास के होते अनुकूलता भोजन है, प्रतिकूलता विटामिन है और चुनौतियां वरदान हैं। जो उनके अनुसार व्यवहार करता है वही पुरुषार्थी है। ईश्वर से मिलने वाला श्वासों का प्रत्येक पल वरदान है और विकट से विकट परिस्थितियों में भी हमें घबराना नहीं चाहिए। संकट की घड़ी में अभ्यास से धैर्य, संकल्प और संयम के साथ श्वासों के भीतर की शक्ति को पहचानो क्योंकि इसमें इतनी शक्ति है कि आज का दुख भी कल का सौभाग्य बन जाता है।
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Apr 27, 2026
🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏

सविता
Apr 27, 2026
om namah shivay 🙏🌹
