
Rama Devi Sahu
199 days ago
फरवरी महीने में सूर्य देव मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे कुंभ संक्रांति कहा जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है। सूर्य देव 13 फरवरी को सुबह 04:14 बजे कुंभ राशि में गोचर करेंगे, इस अवसर पर पूजा, जप-तप और दान-पुण्य का विशेष महत्व है।

Comments (10)

Rama Devi Sahu
Feb 12, 2026
Ji, Good 😊 Night 🌹🙏🌹

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 12, 2026
🕉️tatsat 🙏 bacha sukunmay subh ratri aaram Karo Ramji kripa se kal milenge Hari Om 🙏

Rama Devi Sahu
Feb 12, 2026
🙏‼️ Hari Om Tat Sat ‼️🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 12, 2026
ati uttam samay aane par vardhan jarur prapti hogi prabhu ka naam Jaap kabi viyat nahi hota🙏 Hari bol

Rama Devi Sahu
Feb 12, 2026
🙏🌹 Mangal Kamanayen ke Sath Subha Ratri Jii 🙏 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏🌹

Rama Devi Sahu
Feb 12, 2026
Mai tho Jaap kr rahi hu...😊

रामलालभट्ट
Feb 12, 2026
जय श्री सुर्यदेव।

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 12, 2026
bacha jaap karne se🙏 sada blota hu Jaap karo

Rama Devi Sahu
Feb 12, 2026
Ji, Aap itna Gyan Keise Aata hai...? Aap Is Kumbha Sankranti ke bare me Jankariya ke liye Bahut Bahut Dhanyawad Jii 🙏😊

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 12, 2026
कुंभ संक्रांति एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो सूर्य के कुंभ राशि में प्रवेश के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह त्योहार माघ मास की संक्रांति तिथि को पड़ता है, जो आमतौर पर फरवरी के महीने में आता है। इस दिन स्नान, दान, और पूजा का विशेष महत्व है। *कुंभ संक्रांति का महत्व:* - इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। - दान करने से पुण्य मिलता है, खासकर तिल, गुड़, चावल, वस्त्र और अनाज का दान शुभ माना जाता है। - सूर्य देव की पूजा करने से करियर में सफलता और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है ¹ ² ³। *कुंभ संक्रांति पर क्या करें:* - *स्नान और दान*: गंगा नदी में स्नान करने के बाद दान देना पुण्यदायी माना जाता है। - *सूर्य पूजा*: सूर्य देव को अर्घ्य देने और उनकी पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। - *मां गंगा की पूजा*: मां गंगा के 108 नामों का जप करने से जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति होती है ⁴ ² ⁵। *कुंभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त:* - पुण्यकाल सुबह 07:45 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहता है, जिसमें दान-पुण्य और पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है ⁴। कुंभ संक्रांति के अवसर पर आप अपने परिवार और मित्रों के साथ इस पवित्र दिन को मनाने के लिए कई तरीके अपना सकते हैं।
