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Rama Devi Sahu

218 days ago

*ऊँ नमस्त गणपतये।। त्वमेव प्रत्यक्षं तत्वमसि। त्वमेव केवलं कर्त्ताऽसि। त्वमेव केवलं धर्तासि। त्वमेव केवलं हर्ताऽसि।। त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ।।* *त्वं साक्षादत्मासि नित्यम्।। भावार्थ .................. हे गणेश तुम्हें प्रणाम, तुम ही सजीव प्रत्यक्ष रूप हो तुम ही कर्म और कर्ता भी तुम ही हो, तुम ही धारण करने वाले, और तुम ही हरण करने वाले संहारी हो, तुम मे ही समस्त ब्रह्माण्ड व्याप्त है तुम्ही एक पवित्र साक्षी हो।।*

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