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Rama Devi Sahu

107 days ago

अवैधव्यं च सौभाग्यं देहि त्वं मम सुव्रते। पुत्रान् पौत्रांश्च सौख्यं च गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तुते।। यथा शाखाप्रशाखाभिर्वृद्धोऽसि त्वं महीतले। तथा पुत्रैश्च पौत्रैश्च सम्पन्नं कुरु मा सदा 🙏 हर वर्ष वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या तिथि के दिन किया जाता है, इसी दिन पतिव्रता देवी सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्‍यवान के प्राणों की रक्षा की थी। ➡️ वट सावित्री व्रत 2026 वैशाख अमावस्या तिथि आरंभ– 16 मई 2026 को 05:11 ए एम बजे वैशाख अमावस्या तिथि समाप्त – 17 मई 2026 को 01:30 ए एम बजे वट सावित्री व्रत 2026 तिथि- 16 मई 2026, शनिवार वट सावित्री व्रत पर पूजा के लिए सबसे उत्तम समय सुबह 07:12 बजे से 08:24 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा की जाती है, जो सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक है। वट सावित्री के दिन पति की लंबी आयु की कामना के लिए सुहागन महिलाएं 16 श्रृंगार कर वट यानी बरगद के पेड़ के नीचे सावित्री-सत्यवान व अन्य इष्टदेवों का पूजन करती हैं। वट सावित्री का व्रत समस्त परिवार की सुख-संपन्नता के लिए भी किया जाता है, देवी सावित्री ने यमराज से न केवल अपने पति के प्राण वापस पाए थे, बल्कि उन्होंने समस्त परिवार के कल्याण का वर भी प्राप्त किया था। वट सावित्री व्रत सौभाग्य देने वाला और संतान प्राप्ति में सहायता माना गया है, भारतीय संस्कृति में यह व्रत आदर्श नारीत्व का प्रतीक है।

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

May 15, 2026

🙏‼️ Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan Ji 🙏🌹

ranjit  chavda

ranjit chavda

May 15, 2026

🌺राधे राधे 🌺🙇🙇‍♂️जय श्री कृष्ण 🙇‍♂️🙇