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लहसुन का असली विज्ञान बहुत सही है। हम रोज सब्जी में लहसुन डालते हैं पर उससे औषधि वाला फायदा मिलता ही नहीं, क्योंकि तरीका गलत होता है। विस्तार से समझते हैं जी - 1. साबुत लहसुन में दवा होती ही नहीं है बताया गया `Alliin और Alliinase` यही सबसे बड़ा राज है। साबुत लहसुन के अंदर एक में Amino Acid होता है - *Alliin*, और दूसरे कोने में एक Enzyme होता है - *Alliinase*। दोनों अलग-अलग बंद कमरों में रहते हैं। जब तक आप लहसुन को काटते, कूटते या चबाते नहीं हैं, ये दोनों मिलते ही नहीं। जैसे ही आप चबाते हैं, कोशिका टूटती है, दोनों मिलते हैं और उसी सेकंड एक नया, बहुत शक्तिशाली Sulfur Compound बनता है - *Allicin (एलिसिन)*। यही एलिसिन असली दवा है। यही वो केमिकल है जो Antibiotic, Antifungal जैसा काम करता है। 2. ये शरीर में काम कैसे करता है? - *BP के लिए:* एलिसिन शरीर में *Nitric Oxide (NO)* बनाना बढ़ा देता है। NO से हमारी धमनियों की दीवारें रिलैक्स होकर चौड़ी हो जाती हैं, खून का प्रवाह आसान होता है और BP धीरे-धीरे कम होने लगता है। - *कोलेस्ट्रॉल और नसों के लिए:* ये धमनियों में जमा चर्बी (Plaque) को कम करने और खून को पतला रखने में मदद करता है, जिससे ब्लॉकेज का खतरा कम होता है। - *इम्यूनिटी के लिए:* एलिसिन सफेद रक्त कोशिकाओं को सक्रिय करता है। 3. हम 99% लोग गलती कहाँ करते हैं? सबसे जरूरी बात यही है - *10 मिनट वाला नियम।* हम लहसुन को कूटते ही तुरंत तेल में डालकर भून देते हैं। गर्मी से Alliinase एंजाइम तुरंत नष्ट हो जाता है और एलिसिन बनने की पूरी प्रक्रिया ही रुक जाती है। फिर वो सिर्फ स्वाद रह जाता है, दवा नहीं। *सही वैज्ञानिक तरीका:* 1. 1 कली लहसुन लें। 2. उसे अच्छी तरह काट लें, कूट लें या चबा लें। 3. काटने के बाद उसे *10 मिनट तक खुला छोड़ दें* कमरे के तापमान पर। इसी 10 मिनट में पूरा एलिसिन बनकर तैयार होता है। 4. इसके बाद आप चाहें तो उसे खा लें या हल्की आंच पर पका लें। एक बार एलिसिन बन गया तो गर्मी से थोड़ा कम होगा पर खत्म नहीं होगा। 4. लहसुन की बदबू मुंह से नहीं, फेफड़ों से आती है लहसुन खाने के बाद बदबू का कारण इसका Volatile Sulfur है। ये खून में घुल जाता है और फेफड़ों के रास्ते सांस से बाहर निकलता है, इसलिए ब्रश करने से भी पूरी तरह नहीं जाती। 5. कैसे और कितना खाएं? - रोज सुबह खाली पेट 1 कच्ची कली को कूटकर 10 मिनट रखकर, पानी से निगलना या चबाकर खाना काफी है। 1-2 कली से ज्यादा नहीं। - इसे शहद या गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं। - पेट में जलन, एसिडिटी, अल्सर है तो खाली पेट कच्चा न खाएं। - जिनका BP बहुत कम रहता है, खून पतला करने की दवा (Aspirin, Warfarin) चल रही है, या सर्जरी होने वाली है, वो डॉक्टर से पूछकर ही रोज खाएं। ये कोई चमत्कारी दवा नहीं है कि नसें एक दिन में साफ हो जाएं। ये प्रकृति का दिया हुआ एक धीरे-धीरे काम करने वाला *Natural Protective Shield* है, जो रोज सही तरीके से लेने पर लंबे समय में हृदय और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है।

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