
प्रभा त्रिपाठी
405 days ago
कामिका एकादशी व्रत का विशेष महत्व धर्मशास्त्रों और पुराणों में बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को श्रद्धा और विधिपूर्वक करने से साधक को जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है और भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस वर्ष यह एकादशी आज अर्थात 21 जुलाई को मनाई जाएगी। इस व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है। पारण के पश्चात विशेष दान करने की परंपरा है, जिससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कामिका एकादशी तिथि का आरंभ 20 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर होगा और इसका समापन 21 जुलाई को सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर होगा। व्रत इसी दिन यानी 21 जुलाई को रखा जाएगा। पारण 22 जुलाई को प्रातः 5 बजकर 37 मिनट से लेकर 7 बजकर 5 मिनट तक किया जा सकता है। इस अवधि में व्रत खोलना शुभ माना गया है। पारण के दिन प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। सूर्य देव को अर्घ्य दें। मंदिर और पूजास्थल की सफाई करें तथा गंगाजल का छिड़काव कर स्थान को शुद्ध करें। भगवान विष्णु के समक्ष देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें और विष्णु चालीसा, मंत्र जाप और आरती करें। श्रीहरि को सात्विक भोग अर्पित करें। अंत में अन्न, वस्त्र और धन का यथाशक्ति दान करें और स्वयं भी प्रसाद ग्रहण करें। भगवान विष्णु की पूजा के समय इस श्लोक का पाठ विशेष पुण्यदायी माना गया है— शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥ कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए दूध में केसर मिलाकर भोग लगाना विशेष फलदायी माना गया है। ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्त पर सदैव कृपा बनी रहती है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से जीवन में धन, सुख, शांति, प्रतिष्ठा और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रद्धा और विधि से की गई पूजा से पापों का नाश होता है और जीवन में स्थिरता आती है। शास्त्रों में कहा भी गया है — एकादश्यां तु यो भक्त्या विष्णुं सम्पूजयेद्द्विजाः। सर्वपापविनिर्मुक्तो विष्णुलोकं स गच्छति॥ अर्थात्, जो व्यक्ति एकादशी के दिन श्रद्धा से श्रीविष्णु की पूजा करता है, वह समस्त पापों से मुक्त होकर विष्णुलोक को प्राप्त करता है। कामिका एकादशी की पूजा के लिए प्रातःकाल स्नान कर तन और मन को पवित्र करें। सूर्य नारायण को जल अर्पित कर व्रत का संकल्प लें। घर के ईशान कोण में एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। घी का दीपक जलाएं, पीले फूल, पीले फल और मिष्ठान्न अर्पित करें और दिन भर श्रीहरि का स्मरण करें। 🌞🚩🚩 ' ll जय श्री राम ll ' 🚩🚩🌞 🌞🚩🚩 ' ll जय बजरंग बली ll ' 🚩🚩🌞

Comments (1)

प्रेम कुमार
Jul 21, 2025
🌹🌹 राम राम जी 🌹 शुभ संध्या वंदन 🌹
