
Rama Devi Sahu
41 days ago
गुप्त नवरात्रि में पूजी जाने वाली दस महाविद्याएँ वास्तव में आदि शक्ति दुर्गा के ही दस दिव्य और शक्तिशाली रूप हैं। तंत्र शास्त्र के अनुसार, इन सभी देवियों की उत्पत्ति और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाएँ बेहद रहस्यमयी और रोचक हैं। 1. माँ काली (कालिका) स्वरूप: माँ काली का स्वरूप अत्यंत विकराल और डरावना माना जाता है। वे कृष्ण वर्ण (काले रंग) की हैं, उनके चार हाथ हैं, बाल बिखरे हुए हैं और गले में मुंडों (खोपड़ियों) की माला है। वे अज्ञानता और अंधकार का नाश करने वाली देवी हैं। पौराणिक कहानी:कथा के अनुसार, जब असुर राज रक्तबीज का अत्याचार बहुत बढ़ गया, तो उसे वरदान था कि उसके रक्त की एक भी बूंद ज़मीन पर गिरेगी, तो उससे सैकड़ों नए रक्तबीज पैदा हो जाएंगे। देवताओं की रक्षा के लिए माँ दुर्गा ने अपने क्रोध से देवी काली को प्रकट किया। माँ काली ने युद्ध भूमि में राक्षसों का संहार करना शुरू किया और रक्तबीज का खून ज़मीन पर गिरने से पहले ही अपने खप्पर में भर कर पीना शुरू कर दिया। रक्तबीज के वध के बाद भी माँ काली का क्रोध शांत नहीं हुआ और वे ब्रह्मांड का विनाश करने लगीं। तब भगवान शिव उनके क्रोध को शांत करने के लिए उनके रास्ते में लेट गए। जैसे ही माँ काली का पैर अनजाने में शिव जी की छाती पर पड़ा, वे शर्म से लज्जित हो गईं और उन्होंने अपनी जीभ बाहर निकाल ली। यहीं से उनका यह प्रसिद्ध स्वरूप सामने आया।

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