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🌙 गणेश और चंद्रमा प्रसंग 🐘🕉️ एक बार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी ने मोदकों का भोग लगाया और अपने वाहन मूषक पर सवार होकर लौट रहे थे। उसी समय उनका संतुलन बिगड़ गया और यह दृश्य देखकर चंद्रदेव हँस पड़े। 🌕✨ चंद्रमा के इस उपहास से गणेश जी क्रोधित हो गए और उन्होंने चंद्रदेव को श्राप दिया कि जो भी इस दिन तुम्हारा दर्शन करेगा, उसे मिथ्या कलंक का सामना करना पड़ेगा। ⚡ अपने अपराध का एहसास होने पर चंद्रदेव ने भगवान गणेश से क्षमा मांगी। गणेश जी ने करुणावश श्राप को पूर्णतः समाप्त नहीं किया, बल्कि उसका प्रभाव कम कर दिया। 🙏 तभी से गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करने से बचने की परंपरा मानी जाती है। यह कथा अहंकार, उपहास और विनम्रता का गहरा संदेश देती है। 🌺 🚩 "किसी का उपहास करना अहंकार की निशानी है, जबकि विनम्रता ही सच्ची महानता का मार्ग है।" 🚩 🐘 गणपति बप्पा मोरया 🐘 🕉️ मंगलमूर्ति मोरया 🕉️ #गणेशजी #चंद्रमा #गणेशचतुर्थी #गणपतिबप्पामोरया #सनातनधर्म #हिंदूपुराण #भगवानगणेश

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