
Rama Devi Sahu
13 hours ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 22 अक्टूबर 2026* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - आश्विन* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - एकादशी दोपहर 02:47 तक तत्पश्चात् द्वादशी* *⛅नक्षत्र - शतभिषा रात्रि 08:49 तक तत्पश्चात् पूर्व भाद्रपद* *⛅योग - वृद्धि रात्रि 11:40 तक तत्पश्चात् ध्रुव* *⛅राहुकाल - दोपहर 01:37 से दोपहर 03:03 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:27* *⛅सूर्यास्त - 05:56 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:47 से प्रातः 05:37 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:46 से मध्यरात्रि 12:36 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - पापकुंशा एकादशी, पद्मनाभ द्वादशी* *🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी(सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l* 💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।* 💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।* 💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।* 💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)* 💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।* 👉🏻 *23 अक्टूबर के दुर्लभ महायोग पर इस दिव्य मंत्र का जरूर करें जप! घर में बनेगा समृद्धि का शुभ संयोग, चूकना मत* 🌷 *पापांकुशा एकादशी* 🌷 ➡️ *22 अक्टूबर 2026 गुरूवार को पापांकुशा एकादशी है।* 🙏🏻 *पापांकुशा एकादशी का उपवास करने से कभी यम-यातना नहीं प्राप्त होती | यह पापों को हरनेवाला, स्वर्ग, मोक्ष, आरोग्य, सुंदर स्त्री, धन एवं मित्र देनेवाला व्रत है | इसका उपवास और रात्रि में जागरण माता, पिता व स्त्री के पक्ष की दस – दस पीढ़ियों का उद्धार कर देता है |*🙏🏻 🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷 🙏🏻 *सनातन पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 23 अक्टूबर, शुक्रवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…* 👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा* 🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।* 🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।* 🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।* 👉🏻 *ये उपाय करें* *सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

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