
Rama Devi Sahu
82 days ago
भीष्म एक बहुत जटिल चरित्र तब भी थे और आज भी लगते हैं। उस समय भी विदुर,कृष्ण जैसे लोग ये नही समझ पा रहे थे कि उस युग के इतने बड़े धर्मात्मा दुर्योधन की तरफ से कैसे खड़े हो गए। 1. पिता की आज्ञा मानना सही है पर बाकी समाज की तरफ भी उनकी जिम्मेदारी थी। बूढ़े पिता शांतनु जो एक स्त्री पर आसक्त हो गए थे उनकी लोलुपता को पूर्ण करने के लिए उन्होंने कुछ प्रतिज्ञाएं कर ली। वृद्धावस्था में जैसी संतानें हो सकती थी वैसी शांतनु को हुई जो असमय मृत्यु के गाल में समा गई। 2. भीष्म के माता पिता के सम्बंध साधारण नही थे। माता गंगा ने सात पुत्र नदी में बहा दिए , उनके पैदा होते ही माता पिता अलग हो गए। ऐसे अनुभव के बाद उनके मन मे गृहस्थ जीवन के लिए कोई ज्यादा आकर्षण तो नही बना होगा, (आज भी तलाक लेने वालों के बच्चे शादी के प्रति कोई बहुत अच्छी भावना नही रखते)। इसलिए शायद उन्होंने ऐसी प्रतिज्ञाएं लेने से पहले नही सोचा। 4. एक साधारण मनुष्य या राजा द्वारा इच्छा-मृत्यु का वरदान देने की बात पहली नजर में अतार्किक लगती है, क्योंकि शांतनु खुद बुढ़ापे में विवाह की इच्छा रखते थे, वे कोई त्यागी ऋषि नहीं थे। यदि पुत्रमोह में आकर किसी को भी ऐसा वरदान देना संभव होता, तो धृतराष्ट्र अपने प्रिय पुत्र दुर्योधन को अवश्य अमर या इच्छा-मृत्यु का वरदान दे देते। लेकिन महाभारत के अनुसार, शांतनु कोई साधारण मनुष्य नहीं, बल्कि पूर्वजन्म के परम प्रतापी और सिद्ध राजा 'महाभिष' थे, जिन्होंने अपनी कठिन तपस्या से ब्रह्मलोक प्राप्त किया था। उनके पास संचित तपोबल था। दूसरी बात, वरदान केवल मोह से नहीं, बल्कि सत्य और त्याग के प्रभाव से फलीभूत होता है। धृतराष्ट्र का दुर्योधन के प्रति 'अंधा मोह' था, जिसमें अधर्म था, इसलिए उनके पास कोई तपोबल या वाक-सिद्धि नहीं थी। इसके विपरीत, भीष्म ने अपने पिता की खुशी के लिए जो 'अखंड ब्रह्मचर्य और राज-त्याग' की प्रतिज्ञा ली, वह सृष्टि के इतिहास में अद्वितीय थी। भीष्म के इसी महात्याग और धर्म की शक्ति ने शांतनु के भीतर छिपे पूर्वजन्म के तपोबल को जाग्रत कर दिया, जिससे उनके मुख से निकला आशीर्वाद 'इच्छा-मृत्यु का वरदान' बन गया। 5. व्यक्तिगत मोह /विकास से कहीं बड़ा होता है समाज और देश का विकास। भीष्म यही चूक गए, उनके कारण राज्य को लंबे समय तक अच्छा राजा नही मिल पाया। उचित आयु में उनको विवाह करके, राजा बनना चाहिए था जो राजकुमार होने के नाते उनकी जिम्मेदारी थी। राजा दुष्ट दलन और न्याय करने से दूर नही भाग सकता। यही बात कुरुक्षेत्र में कृष्ण ने अर्जुन को समझाई थी कि तुम तो युद्ध से भाग कर हिमालय पर तपस्या में लग जाओगे, हस्तिनापुर की प्रजा का क्या जो दुर्योधन को झेल रही है? भीष्म भी इसी प्रजा के दोषी थे। सब कुछ छोड़ ही दिया था तो वन में जाकर तपस्या करते,वो तो धृतराष्ट्र और दुर्योधन की ढाल बनकर खड़े हो गए। कृष्ण जिस धर्म स्थापना की बात करते थे उसके पीछे उद्देश्य यही था कि जनता सुखी रहे नही तो दुर्योधन राजा हो या युधिष्ठिर उनको क्या फर्क पड़ना था। भीष्म और द्रोण ही दुष्ट दुर्योधन के मजबूत कवच थे। इन्ही के कारण युद्ध लंबा हुआ, भीष्म 10 दिन सेनापति रहे,द्रोण 4 दिन!! इन दोनों के बाद युद्ध 4 दिन भी नही चला।
Comments (14)

Rama Devi Sahu
Jun 9, 2026
Ji Behen Sukriya ❤️ Mahaprabhu Shri Jagannath Ji ki Aasirbad se Aap or Aap ke Pure Parivar ko Hamesha Mangal Rakhe or Swasth Surakshit Rahe 🌹 Sabhi ka Manokamana puri kare yahi Prarthana ke Sath Subha Sakal 🌹 Prem se Boliye 🙏⭕‼️⭕ Jai Jagannath ⭕‼️⭕🙏

Rama Devi Sahu
Jun 9, 2026
⚜️जगन्नाथ अष्टकम् 🚩 🌿🙏🏻|| Jay Jagannath ||🌿🙏🏻 🥀🙏🏻कदाचित् कालिन्दी तट विपिन सङ्गीत तरलो मुदाभीरी नारी वदन कमला स्वाद मधुपः रमा शम्भु ब्रह्मामरपति गणेशार्चित पदो। जगन्नाथ स्वामी🙏🏻 नयन पथ गामी🙏🏻 भवतु मे ॥१॥🙏🏻

Rama Devi Sahu
Jun 9, 2026
Mangalvar Subah ki Radhey Radhey Pyari Choti Behan Ji 🌹❤️🌹

Rama Devi Sahu
Jun 9, 2026
Chay ke liye Dhanyawad ❤️ Ram Ram Ji 🌹 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Hamesha Banaye Rakhe 🌹 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jun 9, 2026
🌹🌹 Subha Sakal 🌹 mere man me Hamesha Sabhi ke liye Mangal Kamanayen karti hu... dekha jaye baad me kya hota hai....?

Rama Devi Sahu
Jun 9, 2026
Very Good Morning Jii 🙏 Bhagwan Shri Ram or Bajrangbali Hanuman Ji ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe ❤️ Aap ka Din Subha Mangal Ho 🙏🌹

Rama Devi Sahu
Jun 9, 2026
Mangalvar Subah ki Ram Ram Ji 🙏Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🌹🌹

Saumya Sharma
Jun 9, 2026
बहुत ही सुन्दर पोस्ट 👌👌👌 है आपकी दी🙏, जय श्री राधे कृष्ण 🙏🌹☺️ आपका दिन शुभ फलदाई व मंगलमय रहे 🙏 यही प्रार्थना है 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Jun 9, 2026
जय जगन्नाथ महाप्रभु 🙏 राम नाम की लूट है, लूटी जाये तो लूट, यही संग में जायेगा, बाकी सब यहीं जाएगा छूट 🙏, ठाकुर जी की कृपा से आप सदैव स्वस्थ और खुशहाल रहें 🙏 इसी शुभकामना के साथ सुप्रभात वंदन मेरी प्यारी दी 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Jun 9, 2026
जय श्री राधे कृष्ण मेरी प्यारी दीदी 🙏🌹☺️
