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Rama Devi Sahu

191 days ago

*卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐* *🌞दिनांक - 20 फरवरी 2026* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वसंत* *⛅मास - फाल्गुन* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - तृतीया दोपहर 02:38 तक तत्पश्चात् चतुर्थी* *⛅नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद रात्रि 08:07 तक तत्पश्चात् रेवती* *⛅योग - साध्य शाम 06:23 तक तत्पश्चात् शुभ* *⛅राहुकाल - सुबह 11:15 से दोपहर 12:41 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:56* *⛅सूर्यास्त - 06:26 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:16 से प्रातः 06:06 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:18 से दोपहर 01:04 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:15 फरवरी 21 से रात्रि 01:05 फरवरी 21 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - अमृतसिद्धि योग, सर्वार्थसिद्धि योग (रात्रि 08:07 से प्रातः 06:55 फरवरी 21 तक)* *🌥️विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹अंतःकरण के दोष व उनकी निवृत्ति🔹* *🔸(१) चंचलता : सत्य अथवा स्थिर तत्त्व से योग न होने के कारण मन में चंचलतारूपी दोष है, इसीसे अंदर दुर्बलता रहा करती है ।* *🔸जगत के देहादिक असत् पदार्थों एवं विषय-सुखों से वैराग्य दृढ होने पर जब अभ्यास के द्वारा एक सत्य आधार में मन स्थिर होता है, तभी इस दोष की निवृत्ति होती है ।* *🔸(२) मलिनता : चित्त में असत् संबंध के कारण असत् चिंतन होते रहने से मलिनतारूपी दोष है, इसीसे खिन्नता रहा करती है ।* *🔸मन के स्थिर होने पर एक ‘सत् पदार्थ के चिंतन में जब चित्त तल्लीन होता है तभी यह दोष दूर होता है ।* *🔸(३) अज्ञान : बुद्धि में आत्मज्ञानी संतपुरुष का संग (सत्संग) न मिलने के कारण अज्ञानरूपी दोष है, इसीसे मनुष्य में मूढता रहा करती है ।* *🔸मन तथा चित्त के स्थिर और शुद्ध होने पर ही मानव-बुद्धि स्वस्थ एवं शांत होकर संत, सद्गुरुदेव से, सुसंग से सद्ज्ञान-प्रकाशपूर्ण होती है । इसीसे अज्ञानरूपी दोष का नाश होता है ।* *🔸(४) ममता : अहं में देहादिक पदार्थों के प्रति ममतारूपी दोष है । इसीके कारण आसक्ति एवं जड़ता रहा करती है ।* *🔸सद्ज्ञान-प्रकाश में ही अहं का मिथ्या पदार्थों के प्रति अहमन्यता (अहंता-इदंता) रूपी दोष सत्स्वरूपाभिमान में परिणत हो जाता है, इसीसे जड़तारूपी दोष की निवृत्ति होती है ।* 🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

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