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🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊ 🌈 *दिनांक - 26 अक्टूबर 2026* 🌈 *दिन - सोमवार* 🌈 *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)* 🌈 *शक संवत -1948* 🌈 *अयन - दक्षिणायन* 🌈 *ऋतु - हेमंत ॠतु* 🌈 *मास - आश्विन* 🌈 *पक्ष - शुक्ल* 🌈 *तिथि - पूर्णिमा सुबह 09:41 तक तत्पश्चात प्रतिपदा* 🌈 *नक्षत्र - अश्विनी शाम 05:41 तक तत्पश्चात भरणी* 🌈 *योग - वज्र दोपहर 02:17 तक तत्पश्चात सिद्धि* 🌈 *राहुकाल - सुबह 08:04 से सुबह 09:30 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:39* 🌈 *सूर्यास्त - 06:05* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🕉️⏭️ *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे* 🚩*व्रत पर्व विवरण - आश्विनी पूर्णिमा,कार्तिक व्रत-स्नान आरम्भ* *विशेष- पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* ✨ *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)* ✨ *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🍁 *लक्ष्मी किसको सताती है, किसको सुख देती है* 🍁 🕉️⏭️ *जहाँ शराब-कबाब का सेवन, दुर्व्यसन, कलह होता है वहाँ की लक्ष्मी ‘वित्त’ बनकर सताती है, दुःख और चिंता उत्पन्न करती है | जहाँ लक्ष्मी का धर्मयुक्त उपयोग होता है वहाँ वह महालक्ष्मी होकर नारायण के सुख से सराबोर करती हैं |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🍁 *कार्तिक मास* 🍁 ⏩ *26 अक्टूबर 2026 सोमवार से कार्तिक व्रत-स्नान आरम्भ (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार 10 नवम्बर 2026 मंगलवार से कार्तिक मास प्रारंभ)* ⚜️ *कार्तिक मास में वर्जित* 🙏🏻 *ब्रह्माजी ने नारदजी को कहा : ‘कार्तिक मास में चावल, दालें, गाजर, बैंगन, लौकी और बासी अन्न नहीं खाना चाहिए | जिन फलों में बहुत सारे बीज हों उनका भी त्याग करना चाहिए और संसार – व्यवहार न करें |*’ 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ⚜️ *कार्तिक मास में विशेष पुण्यदायी* 🙏🏻 *प्रात: स्नान, दान, जप, व्रत, मौन, देव – दर्शन, गुरु – दर्शन, पूजन का अमिट पुण्य होता है | सवेरे तुलसी का दर्शन भी समस्त पापनाशक है | भूमि पर शयन, ब्रह्मचर्य का पालन, दीपदान, तुलसीबन अथवा तुलसी के पौधे लगाना हितकारी है |* 🙏🏻 *भगवदगीता का पाठ करना तथा उसके अर्थ में अपने मन को लगाना चाहिए | ब्रह्माजी नारदजी को कहते हैं कि ‘ऐसे व्यक्ति के पुण्यों का वर्णन महिनों तक भी नहीं किया जा सकता |’* 🙏🏻 *श्रीविष्णुसहस्त्रनाम का पाठ* *करना भी विशेष लाभदायी है | 'ॐ नमो नारायणाय '| इस महामंत्र का जो जितना अधिक जप करें, उसका उतना अधिक मंगल होता है | कम – से – कम १०८ बार तो जप करना ही चाहिए |* 🙏🏻 *प्रात: उठकर करदर्शन करें | ‘पुरुषार्थ से लक्ष्मी, यश, सफलता तो मिलती है पर परम पुरुषार्थ मेरे नारायण की प्राप्ति में सहायक हो’ – इस भावना से हाथ देखें तो कार्तिक मास में विशेष पुण्यदायी होता है |* 🙏🏻 *सूर्योदय के पूर्व स्नान अवश्य करें* 🙏🏻 *जो कार्तिक मास में सूर्योदय के बाद स्नान करता है वह अपने पुण्य क्षय करता है और जो सूर्योदय के पहले स्नान करता है वह अपने रोग और पापों को नष्ट करनेवाला हो जाता है | पूरे कार्तिक मास के स्नान से पापशमन होता है तथा प्रभुप्रीति और सुख – दुःख व अनुकूलता – प्रतिकूलता में सम रहने के सदगुण विकसित होते हैं |* 🙏🏻 *हम छोटे थे तब की बात है | हमारी माँ कार्तिक मास में सुबह स्नान करती, बहनें भी करतीं, फिर आस - पडोस की माताओं - बहनों के साथ मिल के भजन गातीं | सूर्योदय से पहले स्नान करने से पुण्यदायी ऊर्जा बनती है, पापनाशिनी मति आती है | कार्तिक मास का आप लोग भी फायदा उठाना |* ⚜️ *३ दिन में पूरे कार्तिक मास के पुण्यों की प्राप्ति* 🙏🏻 *कार्तिक मास के सभी दिन अगर कोई प्रात: स्नान नहीं कर पाये तो उसे कार्तिक मास के अंतिम ३ दिन – त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा को 'ॐकार' का जप करते हुए सुबह सूर्योदय से तनिक पहले स्नान कर लेने से महिनेभर के कार्तिक मास के स्नान के पुण्यों की प्राप्ति कही गयी है |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ☀🏯!! श्री हरि: शरणम् !!🏯☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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