
Rama Devi Sahu
100 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 22 मई 2026* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - अधिक ज्येष्ठ* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - षष्ठी प्रातः 06:24 तक, तत्पश्चात् सप्तमी प्रातः 05:04 मई 23 तक, तत्पश्चात् अष्टमी* *⛅नक्षत्र - अश्लेशा मध्यरात्रि 02:08 तक तत्पश्चात् मघा* *⛅योग - वृद्धि सुबह 08:19 तक तत्पश्चात् ध्रुव* *⛅राहुकाल - सुबह 10:44 से दोपहर 12:24 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:43* *⛅सूर्यास्त - 07:04 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:18 से प्रातः 05:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:57 से दोपहर 12:50 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:02 से मध्यरात्रि 12:45 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती फल या दातून से मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है एवं सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🌻 अरे! तू अपने को मौत से तो बचा ! अपने को जन्म मरण से तो बचा ! देखें तेरी ताकत । देखें तेरी कारीगरी बाबा ! 🌻मानव को जो नित्य है, उसकी प्राप्ति का यत्न करना चाहिए और जो मिथ्या है उसका उपयोग करना चाहिए। परंतु आप करते क्या हैं ? जो नित्य है, उसकी ओर ध्यान ही नहीं देते और मिथ्या की प्राप्ति में ही अपना पूरा जीवन नष्ट कर डालते हैं। जो वस्तु मिलती है, वह पहले हमारे पास नहीं होती तभी तो मिलती है और बाद में भी वह हमारे पास से चली जाती है मिथ्या होने से । जो पहले नहीं था वह मिला और जो मिला उसे छोड़ना ही पड़ेगा । 🌻यूँ तो प्रत्येक ज्ञान में गुरु की अनिवार्य उपयोगिता है परंतु ब्रह्मज्ञान के लिए तो दूसरा कोई रास्ता ही नहीं है। गुरु के बिना उपासना-मार्ग के रहस्य मालूम नहीं होते और न उसकी अड़चनें दूर होती है। *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

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