
Rama Devi Sahu
261 days ago
*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 12 दिसम्बर 2025* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - हेमंत* *⛅मास - पौष* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - अष्टमी दोपहर 02:56 तक तत्पश्चात् नवमी* *⛅नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी प्रातः 05:50 दिसम्बर 13 तक तत्पश्चात् हस्त* *⛅योग - प्रीति सुबह 11:12 तक तत्पश्चात् आयुष्मान्* *⛅राहुकाल - सुबह 11:00 से दोपहर 12:21 तक ( उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:59* *⛅सूर्यास्त - 05:43 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:13 से प्रातः 06:06 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:59 से दोपहर 12:42 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:54 से रात्रि 12:48 दिसम्बर 13 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है व नवमी को लौकी खाना गौ मांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹अशुभ क्या है एवं शुभ क्या है ?🔹* *🔸 बिल्ली की धूलि शुभ प्रारब्ध का हरण करती है । (नारद पुराण, पूर्व भाग : 26.32)* *🔸 कुत्ता रखने वालों के लिए स्वर्गलोक में स्थान नहीं है । उनका पुण्य क्रोधवश नामक राक्षस हर लेते हैं । (महाभारत, महाप्रयाण पर्व : 3.10)* *🔸 'महाभारत' में यह भी आया है कि 'घर में टूटा-फूटा बर्तन, सामान (फर्नीचर), मुर्गा, कुत्ता, बिल्ली होना अच्छा नहीं है । ये शुभ गुणों को हरते हैं ।'* *🔸 दूसरे का अन्न, दूसरे का वस्त्र, दूसरे का धन, दूसरे की शय्या, दूसरे की गाड़ी, दूसरे की स्त्री का सेवन और दूसरे के घर में वास – ये इन्द्र के भी ऐश्वर्य को नष्ट कर देते हैं । (शंखलिखित स्मृति : 17)* *🔸 जिस तरह शरीर में जीवन न हो तो वह मुर्दा शरीर अशुभ माना जाता है । इसी तरह खाली कलश भी अशुभ है । दूध, घी, पानी अथवा अनाज से भरा हुआ कलश कल्याणकारी माना जाता है । भरा हुआ घड़ा मांगलिकता का प्रतीक है ।* *🔸 वास्तुशास्त्र के अनुसार घर की पश्चिम दिशा में पीपल का वृक्ष होना शुभ है । इसके विपरीत पूर्व दिशा में होना विशेष अशुभ है ।* *🔸 आँवला, बिल्व, नारियल, तुलसी और चमेली सभी दिशाओं में शुभ हैं । कुछ अन्य वृक्षों के लिए शुभ दिशाओं की सूचिः* *जामुन – दक्षिण, पूर्व, उत्तर* *अनार – आग्नेय, नैर्ऋत्य कोण* *केला – तुलसी के साथ सभी दिशाओं में* *चंदन – पश्चिम, दक्षिण (पूर्व विशेष अशुभ)* *बड़ - पूर्व (पश्चिम विशेष अशुभ)* *कनेर – पूर्व, उत्तर (पश्चिम विशेष अशुभ)* *नीम – वायव्य कोण (आग्नेय विशेष अशुभ)* *🔸 घर में बाँस, बेर, पपीता, पलाश और बबूल के वृक्ष सभी दिशाओं में अशुभ माने जाते हैं । आम पूर्व में, सीताफल व गुलाब ईशान कोण में विशेष अशुभ हैं ।* *🔸 अशुभ वस्तुएँ जैसे कि मांस, दुर्घटना का दृश्य, मृतक जीव-जन्तु दिखायी देने पर उसी समय सूर्यनारायण के दर्शन कर लेने चाहिए ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

Comments (3)

Riya Riya 💖💖
Dec 12, 2025
🙏🌹 Jai Mata Di 🌹🙏 shubh prabhat vandan behen 🤗❤️🌹

प्रेम कुमार
Dec 12, 2025
🌹🌹 जय माता दी 🌹🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹 आप का दिन मंगलमय हो बहना 🌹 आप हमेशा खुश रहे स्वस्थ रहें 🌹

H.S.CHAHAR
Dec 12, 2025
🌹🙏जय माता दी 🌹🙏माता रानी आप और आपके पूरे परिवार को हमेशा खुशियों से भरा रखें 🌹 आप सदा प्रसन्न रहें 🌹 आप और आपके पूरे परिवार हमेशा सुख संपन्न बना रहे इसी मनोकामना के साथ हम माता रानी से प्रार्थना करते हैं 🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🙏🌹 जय माता दी 🙏🌹
