
Rama Devi Sahu
87 days ago
💧 ज्येष्ठ मास का दिव्य संदेश — जल की एक-एक बूँद का मूल्य समझिए! ज्येष्ठ मास हिंदू पंचांग (वर्ष) का तृतीय महीना है। इस मास में सूर्यदेव अपने रौद्र रूप में होते हैं, अर्थात इस अवधि में ग्रीष्म ऋतु अपने चरम पर होती है। वैसे तो फाल्गुन मास की विदाई के साथ ही ग्रीष्म का आगमन हो जाता है; चैत्र और वैशाख में धूप प्रखर होने लगती है और ज्येष्ठ आते-आते गर्मी प्रचंड रूप धारण कर लेती है। अत्यधिक गर्मी के कारण अन्य महीनों की तुलना में इस मास में जल का वाष्पीकरण तीव्र गति से होता है, जिससे अनेक नदियाँ, तालाब और सरोवर सूख जाते हैं। यही कारण है कि इस महीने में जल का महत्व अन्य समय की अपेक्षा कहीं अधिक बढ़ जाता है। हमारे सांस्कृतिक पर्व भी हमें पर्यावरण के प्रति सचेत करते हैं। इस मास में आने वाले प्रमुख त्योहार हमें जल संरक्षण का अमूल्य संदेश देते हैं; जैसे— ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला गंगा दशहरा और उसके उपरांत आने वाली निर्जला एकादशी। इन व्रतों और त्योहारों के माध्यम से हमारे दूरदर्शी ऋषि-मुनियों ने हमें यह संदेश दिया है कि हम जीवनदायिनी माँ गंगा की पूजा करें और जल की वास्तविक कीमत को पहचानें। गंगा दशहरा के अगले ही दिन 'निर्जला एकादशी' का विधान रखने के पीछे भी एक गहरा मर्म है। विशेष: ध्यान देने योग्य है कि पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के आने के कारण कभी-कभी गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी के दिनों के अंतराल में अंतर आ जाता है। इस व्रत का संदेश है कि यदि हमें जल बचाना है, तो वर्ष में कम से कम एक दिन ऐसा कठिन उपवास अवश्य रखना चाहिए, जिसमें बिना जल ग्रहण किए ईश्वर की आराधना की जा सके। यह व्रत हमें जल की एक-एक बूँद की महत्ता का अहसास कराता है। संक्षेप में कहें तो ज्येष्ठ मास हमें केवल तपस्या ही नहीं सिखाता, बल्कि जल की महत्ता, उसकी उपयोगिता और जल संरक्षण का व्यावहारिक पाठ भी पढ़ाता है। जय श्री हरि 🙏 🚩

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jun 4, 2026
*रिश्ते कभी भी मीठी आवाज़,* *और खूबसूरत चेहरे होने से नहीं टिकते...* *वो टिकते हैं साफ़ दिल,* *और सच्चे विश्वास से !!!* 🙏❤️

प्रेम कुमार
Jun 4, 2026
🌹 ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹 शुभ संध्या वंदन बहना 🌹
