
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
98 days ago
आस्था के जीवंत प्रतीक - आंगा देव बस्तर अंचल की जनजातीय परंपराओं में पूजित "आंगा देव" प्रकृति, पूर्वजों और आस्था से जुड़ा पवित्र प्रतीक माना जाता है. आंगा देव को लकड़ी की पालकी की तरह बनाया जाता है, जिसे मोर पंख, रंगीन कपड़ों और कौड़ियों से सजाया जाता है. जनजातीय समाज में आंगा देव को ग्रामरक्षक और सांस्कृतिक संरक्षक के रूप में श्रद्धा दी जाती है. यहां उत्सव, अनुष्ठान और सामूहिक निर्णय भी देव स्मरण के साथ सम्पन्न होते हैं. स्थानीय जनजातियों की आस्था है कि आंगा देव में उनके पूर्वजों का वास होता है. आंगा देव के माध्यम से व्यक्त यह आस्था, मनुष्य और प्रकृति के संतुलित संबंध का गहरा संदेश देती है। *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*
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