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Rama Devi Sahu

50 days ago

जगन्नाथस्थकं पुण्यं यः पठेत् प्रयतः शुचिः। सर्वपाप विशुद्धात्मा विष्णुलोकं स गच्छति॥ हिंदी अर्थ: जो भी मनुष्य पवित्र और एकाग्र मन से भगवान जगन्नाथ की महिमा के इन आठ श्लोकों का पाठ करता है, वह अपने सभी पापों से मुक्त होकर अंत में परम पवित्र भगवान विष्णु के लोक (वैकुंठ धाम) को प्राप्त करता है।

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