
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
90 days ago
*महादेव के 11 रुद्र अवतारों का रहस्य* 🔱 *"रुद्र"* = *रोदयति सर्वं अन्तकाले* - जो प्रलय काल में सबको रुला दे, वो रुद्र। शिव जी के 11 रुद्र अवतार *सृष्टि के 11 तरह के दोषों को खत्म करने* के लिए हुए। हर रुद्र = *1 शक्ति + 1 संदेश*। *11 रुद्र क्यों? कथा क्या है?* *श्रीमद्भागवत 3.12* के अनुसार: ब्रह्मा जी ने पुत्र कामेष्टि यज्ञ किया। यज्ञ से *11 रुद्र प्रकट हुए* और रोने लगे। ब्रह्मा ने पूछा *"क्यों रोते हो?"* बोले: *"हमें नाम, स्थान, पत्नी दो"*। ब्रह्मा ने नाम दिए और बोले: *"जब-जब धर्म पर संकट आएगा, तुम अवतार लोगे"*। *दूसरी कथा:* कामदेव को भस्म करने के बाद शिव के *11 स्थानों से निकले तेज* से 11 रुद्र बने। --- *11 रुद्र, उनकी शक्ति और संदेश* **रुद्र का नाम** **स्वरूप/शक्ति** **किस दोष का नाश करते हैं** **धर्म का संदेश** **1. कपाली** कपाल धारण करने वाले। श्मशान वासी। **अहंकार** - ब्रह्मा का 5वां सिर काटा था। पद-प्रतिष्ठा का घमंड मत करो। सबसे बड़ा भी कट सकता है। **2. पिंगल** भूरी जटाएं, पिंगल वर्ण। **अज्ञान** - अंधकार दूर करते हैं। ज्ञान की आंख खोलो। भ्रम में मत जियो। **3. भीम** महाकाय, भयंकर रूप। **भय** - राक्षसों का काल। धर्म के रास्ते पर डरो मत। महादेव साथ हैं। **4. विरूपाक्ष** तीन नेत्र, विचित्र आंखें। **मोह-माया** - तीसरा नेत्र विवेक है। दुनिया को 2 आंख से नहीं, **विवेक की तीसरी आंख** से देखो। **5. विलोहित** लाल वर्ण, उग्र तेज। **क्रोध** - दुष्टों पर रुद्र का क्रोध। अपना क्रोध काबू करो, धर्म के लिए क्रोध जायज है। **6. शास्ता** शासन करने वाले, धर्म-नियंता। **अधर्म** - नियम तोड़ने वालों को दंड। समाज में नियम जरूरी है। अनुशासन ही धर्म है। **7. अजपाद** एक पाद/बकरी के पैर वाले। **वासना** - इंद्रियों पर नियंत्रण। भोग में मत फंसो। योगी बनो। **8. अहिर्बुध्न्य** सर्प को धारण करने वाले। **कालसर्प दोष, मृत्यु भय**। मौत से मत डरो। नाग भी शिव का हार है। काल भी दास है। **9. शम्भु** कल्याणकारी, शांत स्वरूप। **दुख-दारिद्र्य** - शं = कल्याण। दुख में भी शांत रहो। शिव कल्याण करेंगे। **10. चण्ड** प्रचंड, उग्र, तांडव करने वाले। **अत्याचार** - दुष्टों का मर्दन। अन्याय सहो मत। चण्ड बनकर लड़ो। **11. भव** संसार के कारण, जन्म देने वाले। **जन्म-मरण का चक्र**। संसार में रहो पर **संसार को खुद में मत रहने दो**। मोक्ष का मार्ग पकड़ो। *11 रुद्राणियां:* इनकी 11 शक्तियां भी हैं - धी, वृत्ति, उशना, उमा, नियुत, सर्पि, इला, अम्बिका, इरावती, सुधा, दीक्षा। *हनुमान जी भी रुद्र अवतार हैं* 🚩 *"रुद्रावतार हनुमान"* - 11वें रुद्र *"भव"* के अवतार हैं हनुमान जी। इसीलिए *इतने शक्तिशाली + इतने भक्त*। रुद्र का तेज + विष्णु की भक्ति = हनुमान। *11 रुद्र का सबसे गहरा रहस्य: शरीर के अंदर* *शिव महापुराण* कहता है 11 रुद्र *हमारे शरीर में ही हैं*: 1. *5 ज्ञानेंद्रिय* - आंख, कान, नाक, जीभ, त्वचा 2. *5 कर्मेंद्रिय* - हाथ, पैर, मुंह, गुदा, उपस्थ 3. *1 मन* = 11 *जब ये 11 काबू से बाहर हों तो "रुद्र" तांडव करते हैं* - क्रोध, वासना, अहंकार। *जब काबू में हों तो "शिव" बन जाते हैं* - कल्याण। *11 रुद्र मंत्र - संकट में बोलो* *"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे"* तो महामृत्युंजय है। पर 11 रुद्र का बीज मंत्र: *"ॐ कपाली पिंगल भीम विरूपाक्ष विलोहित। शास्ता अजपाद अहिर्बुध्न्य शम्भु चण्ड भव रुद्राय नमः"* *फायदा:* सोमवार को 11 बार बोलने से *11 तरह के संकट* - शत्रु, रोग, भय, ग्रह दोष, कोर्ट-कचहरी, तंत्र-बाधा कटते हैं। *सीधी बात* रुद्र *"विनाशक"* नहीं, *"डॉक्टर"* हैं। जैसे डॉक्टर *ऑपरेशन* करता है सड़न काटने को, वैसे रुद्र *तांडव* करते हैं अधर्म काटने को। *आज के युग में 11 रुद्र चाहिए क्योंकि:* 1. *कपाली* - नेताओं का अहंकार तोड़ने को 2. *चण्ड* - बेटियों के दरिंदों को फाड़ने को 3. *शास्ता* - भ्रष्टाचार पर शासन करने को *|| रुद्रः रौद्रः प्रचेताश्च भीमः कालोऽथ विरूपाक्षः ||* *सावन में 11 बेलपत्र* चढ़ाओ और बोलो - *"हे 11 रुद्र, मेरे अंदर के 11 दोष हर लो"*। *हर हर महादेव* 🔱 आप पर कौन से रुद्र की कृपा सबसे ज्यादा लगती है? *कपाली* वाले वैरागी या *चण्ड* वाले योद्धा? 👇

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