
Rama Devi Sahu
289 days ago
उत्पन्ना एकादशी व्रत ( दिन शनिवार, १५ नवंबर २०२५ ) इसी दिन से एकादशी व्रत की शुरुआत हुई थी, पद्म पुराण के अनुसार सत्ययुग में मूर नामक दैत्य के अत्याचार से दुखी होकर सभी देवता भगवान विष्णु की शरण में गए, तब भगवान ने सभी दानव सेना का अंत कर दिया और जाकर बद्रीकाश्रम में विश्राम करने लगे उन्हें सोता देखकर जब मूर दैत्य ने श्रीहरि को मारने का प्रयास किया तब श्री हरि के तेज अंश से एक कन्या उत्पन्न हुई जिसका नाम एकादशी था उस कन्या के तेज से ही वह राक्षस जलकर भस्म हो गया, तब श्री हरि ने प्रसन्न होकर उस कन्या को वरदान दिया कि जो लोग मुझमें भक्ति रखते हुए तुम्हारे इस उत्पन्न हुए दिवस को उपवास करेंगे उन्हें सब प्रकार की सिद्धि और मोक्ष की प्राप्त होगी, ऐसा व्रत पाकर वह महाव्रता एकादशी बहुत प्रसन्न हुई तभी से एकादशी की शुरुआत हुई इसलिए उस तिथि को उत्पन्ना एकादशी कहा गया.. 🙏🌺🙏!! ॐ नमो नारायणाय !!🙏🌺🙏

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Nov 15, 2025
Jai Shree Shyam 🙏🌹🌹

Rakesh Kumar
Nov 15, 2025
jai shree shyam 🙏
