
Rama Devi Sahu
120 days ago
"अस जानि संसय तजहु गिरिजा सर्बदा संकरप्रिया॥" 🌿✨ श्री रामचरितमानस का यह पावन प्रसंग बताता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कितनी कठोर तपस्या की थी। सीता माता का वेश धरने की भूल, योगाग्नि में सती होना और फिर गिरिजा रूप में जन्म लेकर महादेव के लिए दारुण तप करना—यह सब शिव-शक्ति के शाश्वत और अटूट प्रेम का प्रतीक है। पार्वती जी तो सदा ही शिव जी की प्रिया (अर्द्धांगिनी) हैं। जय शिव-शंभू! 🙏🌸

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