
Rama Devi Sahu
113 days ago
क्या आपने कभी सुना है कि जगन्नाथ जी ने हनुमान जी को बांध दिया था? पर क्यों? हनुमान जी तो राम भक्त और सबसे शक्तिशाली देवताओं में से एक है। आखिर जगन्नाथ जी को ऐसा क्यों करना पड़ा? इस कहानी में छुपा है भक्ति, शक्ति और एक बड़ा रहस्य। तो चलिए शुरू करते हैं आज की कहानी। बहुत समय पहले की बात है जब पूरी में जगन्नाथ मंदिर बना और वहां जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी विराजमान हुए। मंदिर के पास ही समुद्र था और समुद्र की लहरों की आवाज मंदिर तक आती रहती थी। मंदिर में सब कुछ शांत था। लेकिन एक समस्या बार-बार हो रही थी। रात के समय मंदिर के पास बहुत तेज आंधी और तूफान आता था। समुद्र की लहरों की आवाज इतनी तेज होती थी कि मंदिर के अंदर शांति नहीं रह पाती थी। जगन्नाथ जी ने सोचा कि मंदिर की रक्षा के लिए किसी शक्तिशाली देवता को यहां रखना होगा। तब उन्होंने हनुमान जी को याद किया। रघुनंदन रघु रघुनंदन रघुवर सेवन रघुपति शायन हनुमान जी तुरंत प्रकट हो गए और बोले प्रभु आपने मुझे याद किया? जगन्नाथ जी बोले हनुमान इस मंदिर और इस नगरी की रक्षा तुम्हें करनी होगी। समुद्र की लहरों और तूफान को यहां आने से रोकना होगा। हनुमान जी ने हाथ जोड़कर कहा प्रभु यह तो मेरे लिए गर्व की बात है। मैं तुरंत यह काम शुरू करता हूं। हनुमान जी समुद्र के पास बैठ गए और अपनी शक्ति से लहरों को रोकने लगे। जब भी तूफान आता हनुमान जी उसे वापस भेज देते। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन एक दिन कुछ अजीब हुआ। हनुमान जी को राम जी की याद आई। वह राम नाम जपते- जपते इतने मग्न हो गए कि अपना काम छोड़कर राम जी के दर्शन के लिए चल पड़े। जब हनुमान जी वहां से गए तब समुद्र की लहरों को रोकने वाला कोई नहीं था। तेज तूफान आया। लहरों की आवाज मंदिर तक पहुंची और मंदिर में शांति भंग हो गई। जगन्नाथ जी समझ गए कि हनुमान जी अपनी राम भक्ति के कारण कभी भी यहां से चले जाते हैं। मंदिर की सुरक्षा के लिए उन्हें हमेशा यहीं रहना जरूरी था। तब जगन्नाथ जी ने एक योजना बनाई। उन्होंने हनुमान जी को फिर से बुलाया और कहा हनुमान तुम्हारी भक्ति और शक्ति पर मुझे पूरा विश्वास है। पर मंदिर की रक्षा के लिए तुम्हें यहीं रहना होगा बिना कहीं जाए। हनुमान जी बोले प्रभु मैं कोशिश करूंगा पर जब मुझे राम जी की याद आती है मैं खुद को रोक नहीं पाता तब जगन्नाथ जी मुस्कुराए और बोले इसीलिए मुझे तुम्हें बांधना पड़ेगा ताकि तुम हमेशा यहीं रहो और मंदिर की रक्षा करो। हनुमान जी हैरान हो गए पर उन्होंने प्रभु का आदेश मान लिया। कहते हैं जगन्नाथ जी ने हनुमान जी को एक विशेष शक्ति से मंदिर के पास ही स्थिर कर दिया ताकि वह कहीं जा ना सके और हमेशा पूरी धाम की रक्षा करते रहे। इसी वजह से पूरी में एक जगह है जहां हनुमान जी को बंधा हनुमान कहा जाता है। लोग मानते हैं कि हनुमान जी आज भी वहां बैठकर समुद्र की लहरों को मंदिर तक आने से रोकते हैं। और सबसे अजीब बात यह है कि पूरी के जगन्नाथ मंदिर के अंदर समुद्र की लहरों की आवाज बहुत कम सुनाई देती है। जबकि मंदिर समुद्र के बहुत पास है। लोग कहते हैं यह हनुमान जी की शक्ति का ही प्रमाण है। तब से लेकर आज तक हनुमान जी जगन्नाथ धाम की रक्षा कर रहे हैं। और जगन्नाथ जी ने उन्हें इसलिए बांधा था ताकि वह हमेशा यहीं रहकर भक्तों और मंदिर की रक्षा कर सके। तो दोस्तों, इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि कभी-कभी भगवान हमें बांधकर नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी देकर एक जगह रोक देते हैं ताकि हम अपना कर्तव्य पूरा कर सकें। जय जगन्नाथ जी 🙏🏻

Comments (10)

Rama Devi Sahu
May 9, 2026
Ji Shukriya 🥀 Hari Om Tat Sat 🙏 Jai Bajrangbali Hanuman 🙏 Jai Jagannath 🙏🌹

Rama Devi Sahu
May 9, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌹 Shubha Sandhya Vandan Ji 🌹🌹

Rama Devi Sahu
May 9, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey Jii 🌹 🌹

सविता
May 9, 2026
ati sunder katha👍

सविता
May 9, 2026
Radhe radhe 🙏🌹

Rama Devi Sahu
May 9, 2026
ekdum thik hu 🌹 Abhi Mai Bete ke Ghar me hu...🌹🌹

My Mandir good by
May 9, 2026
kese ho ji aap

Rama Devi Sahu
May 9, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey Jii 🌹🌹

My Mandir good by
May 9, 2026
bhut khoob radhe radhe 👏
