
Rama Devi Sahu
316 days ago
*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 19 अक्टूबर 2025* *⛅दिन - रविवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - कार्तिक* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅ तिथि - त्रयोदशी दोपहर 01:51 तत्पश्चात् चतुर्दशी* *⛅नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी शाम 05:49 तक तत्पश्चात् हस्त* *⛅योग - इंद्र रात्रि 02:05 अक्टूबर 20 तक तत्पश्चात् वैधृति* *⛅राहुकाल - शाम 04:31 से शाम 05:58 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:25* *⛅सूर्यास्त - 05:58 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:46 से प्रातः 05:36 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:49 से दोपहर 12:35* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:47 से रात्रि 12:37 अक्टूबर 20 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️सर्वार्थ सिद्धि योग - अहो रात्रि* *⛅️व्रत पर्व विवरण - नरक चतुर्दशी (रात्रि में मंत्रजप), काली चौदस, हनुमान पूजा, मासिक शिवरात्रि, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धियोग (शाम 05:49 से प्रातः 06:26 अक्टूबर 20 तक)* *🌥️विशेष - चतुर्दशी को स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना व लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹घर में सुख-शांति के लिए🔹* *🔹वास्तुशास्त्र के नियमों के उचित पालन से शरीर की जैव-रासायनिक क्रिया को संतुलित रखने में सहायता मिलती है ।* *🔹घर या वास्तु के मुख्य दरवाजे में देहरी (दहलीज) लगाने से अनेक अनिष्टकारी शक्तियाँ प्रवेश नहीं कर पातीं व दूर रहती हैं । प्रतिदिन सुबह मुख्य द्वार के सामने हल्दी, कुमकुम व गोमूत्र मिश्रित गोबर से स्वस्तिक, कलश आदि आकारों में रंगोली बनाकर देहरी (दहलीज) एवं रंगोली की पूजा कर परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि 'हे ईश्वर ! आप मेरे घर व स्वास्थ्य की अनिष्ट शक्तियों से रक्षा करें ।'* *🔹प्रवेश-द्वार के ऊपर नीम, आम, अशोक आदि के पत्ते का तोरण (बंदनवार) बाँधना मंगलकारी है ।* *🔹वास्तु कि मुख्य द्वार के सामने भोजन-कक्ष, रसोईघर या खाने की मेज नहीं होनी चाहिए ।* *🔹मुख्य द्वार के अलावा पूजाघर, भोजन-कक्ष एवं तिजोरी के कमरे के दरवाजे पर भी देहरी (दहलीज) अवश्य लगवानी चाहिए ।* *🔹भूमि-पूजन, वास्तु-शांति, गृह-प्रवेश आदि सामान्यतः शनिवार एवं मंगलवार को नहीं करने चाहिए ।* *🔹गृहस्थियों को शयन-कक्ष में सफेद संगमरमर नहीं लगावाना चाहिए । इसे मन्दिर मे लगाना उचित है क्योंकि यह पवित्रता का द्योतक है ।* *🔹कार्यालय के कामकाज, अध्ययन आदि के लिए बैठने का स्थान छत की बीम के नीचे नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे मानसिक दबाव रहता है ।* *🔹बीम के नीचे वाले स्थान में भोजन बनाना व करना नहीं चाहिए । इससे आर्थिक हानि हो सकती है । बीम के नीचे सोने से स्वास्थ्य में गड़बड़ होती है तथा नींद ठीक से नहीं आती ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Oct 19, 2025
Ji Namaste 🙏 Radhey Radhey 🙏 Choti Diwali or Narak Chaturdashi ki Hardik Shubhkamnaye 🙏🙏🌹

Umesh Sharma
Oct 19, 2025
radhe radhe ji🌹
