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Rama Devi Sahu

202 days ago

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति (12 ज्योतिर्लिंग की पूजा का मंत्र) सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्‌। उज्जयिन्यां महाकालमोंकारं ममलेश्वरम्‌ ॥1॥ परल्यां वैघनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्‌। सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥2॥ वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमी तटे। हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये ॥3॥ एतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नरः। सप्तजन्मकृतं पापं स्मरेण विनश्यति ॥4॥ अर्थ :- सौराष्ट्र प्रदेश (काठियावाड़) में श्री सोमनाथ, श्रीशैल पर श्री मल्लिकार्जुन, उज्जयिनी में श्री महाकाल (उज्जैन), ओंकारेश्वर व ममलेश्वर (खंडवा), परली में वैद्यनाथ, डाकिनी नामक स्थान में श्री भीमाशंकर, सेतुबंध पर श्री रामेश्वर, दारुकावन में श्री नागेश्वर, वाराणसी (काशी) में श्री विश्वनाथ, गौतमी (गोदावरी) के तट पर श्री त्र्यम्बकेश्वर,हिमालय पर श्री केदारनाथ और शिवालय में श्री घृष्णेश्वर। जो मनुष्य प्रतिदिन, प्रातःकाल और संध्या काल के समय,इन बारह ज्योतिर्लिंगों का नाम लेते है,उसके सात जन्मों के पाप इन लिंगों के स्मरण-मात्र से मिट जाते है।

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Comments (1)

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

Feb 9, 2026

परम पूज्य पिता परमेश्वर आशीर्वाद कृपा सदेव आप और परिवार पर बना रहे उज्जवल भविष्य KI शुभ कामनाएं करते हैं जी ॐ नमः शिवाय 🕉️🕉️🕉️👍👍👌🙏🌺💮🎄🕉️🕉️