
Rama Devi Sahu
177 days ago
*卐 ~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~ 卐* *🌞दिनांक - 07 मार्च 2026* *⛅दिन - शनिवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वसंत* *⛅मास - चैत्र* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - चतुर्थी शाम 07:17 तक तत्पश्चात् पञ्चमी* *⛅नक्षत्र - चित्रा सुबह 11:15 तक तत्पश्चात् स्वाती* *⛅योग - वृद्धि प्रातः 06:52 तक तत्पश्चात् ध्रुव* *⛅राहुकाल - सुबह 09:41 से सुबह 11:09 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:43* *⛅सूर्यास्त - 06:33 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:06 से प्रातः 05:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:14 से दोपहर 01:02 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:13 से मध्यरात्रि 01:02 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (सुबह 11:15 से सूर्योदय 8 मार्च तक)* *🌥️विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹सुपाच्य एवं बलवर्धक ज्वार🔹* *🔸आयुर्वेद के अनुसार ज्वार शीतल, रुक्ष, पचने में हलकी, किंचित् वीर्यवर्धक तथा मूत्रजनन है । यह रक्तविकार एवं प्रकुपित कफ-पित्त को दूर करने में सहायक है । यह दो प्रकार की होती है - सफेद व लाल । सफेद ज्वार स्वास्थ्य के लिए विशेष हितकर एवं बलप्रद है ।* *🔸यह बवासीर, घाव और अरुचि में गुणकारी है । (वसंत ऋतु -19 फरवरी से 19 अप्रैल) में कफ का प्रकोप होता है । अतः कफशमन हेतु होली के दिनों में ज्वार की धानी तथा भुने हुए चने खाने का रिवाज है । इस ऋतु में ज्वार का सेवन हितकारी है ।* *🔸ज्वार में विटामिन बी-१, बी-२, बी- ३, बी-५, बी-६, बी-७, बी-९, 'ए', 'ई' तथा फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैग्नेशियम, लौह व जिंक आदि पोषक तत्त्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं ।* *🔹विभिन्न रोगों में लाभकारी🔹* *(१) ज्वार कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक है ।* *(२) इसमें रेशे की मात्रा अधिक है तथा इसका ग्लायसेमिक इंडेक्स (GI) कम है अर्थात् ज्वार रक्त शर्करा (blood sugar) को तेजी से व अधिक मात्रा में नहीं बढ़ाती । अतः यह मधुमेह (diabetes) में खूब लाभकारी है । मधुमेह में गेहूँ व चावल का सेवन बंद कर ज्वार की रोटी खाने से रक्त शर्करा आसानी से नियंत्रित रहती है ।* *(३) ज्वार में कैंसर-विरोधी घटक पाये जाते हैं। अनुसंधानों के अनुसार गेहूँ और मक्के की तुलना में ज्वार का सेवन करनेवालों में कमी देखी गयी ।* *(४) मोटापा एक गम्भीर समस्या है जो मधुमेह और हृदयरोग जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है । ज्वार में रेशे की अधिक मात्रा होने तथा यह शीघ्र तृप्तिदायक होने से मोटापे से रक्षा करती है ।* *🔸ज्वार के आटे की रोटी बनायी जाती है तथा ज्वार का दलिया, खिचड़ी व अन्य कई प्रकार के व्यंजन भी बनाये जाते हैं ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Mar 8, 2026
🙏‼️ Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Mangal Kamanayen ke Sath Aap ko Subah ki Ram Ram Jii 🌹 Bhagwan ki Aasirbad se Aap ka Din Subha Mangalmay Rahe 🌹🌹

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Mar 7, 2026
ସୁନ୍ଦର ରାମଜୀ କୋ ଶାନିୱାର କା ପ୍ୟାରବସ୍ର ନାମସ୍କର | 🙏ହରି କୃପା ଜୋ ହୋଇତୋ, ନୁହେଁ ହୋଇତୋ ନୁହେଁ। କିନ୍ତୁ ଗୁରୁଙ୍କ କୃପା ଏବଂ ଦୟା ବିନା ସମସ୍ତ ବୁଦ୍ଧି ଚାଲିଯାଏ। ସହଜୋବାଇ କୁହନ୍ତି ଯେ ଯଦି ଏହି ସାଂସାରିକ ଜୀବନରେ ଈଶ୍ୱରଙ୍କ କୃପା ଅଛି, ତେବେ ଏହା ଠିକ୍ ଅଛି, କିନ୍ତୁ ଯଦି ନାହିଁ, ତେବେ ଏହା ଏତେ କ୍ଷତିକାରକ ନୁହେଁ, କିନ୍ତୁ
