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1. हड्डियाँ टकराती ही नहीं हैं हम सोचते हैं कि चटकने की आवाज हड्डियों के टकराने से आती है। पर हमारी उँगली के जोड़ (Synovial Joint) में दो हड्डियों के बीच सीधा संपर्क होता ही नहीं। बीच में एक चिकना तरल पदार्थ भरा होता है, जिसे *Synovial Fluid* कहते हैं। यही तेल की तरह काम करता है और हड्डियों को घिसने से बचाता है। ऊपर से हड्डी के सिरों पर *Cartilage (उपास्थि)* की गद्दी लगी होती है। 2. फिर वो "टप" की आवाज आती कहाँ से है? इस Fluid में पहले से ही 3 गैस घुली रहती हैं - *Oxygen (O2), Nitrogen (N2) और Carbon Dioxide (CO2)* जब आप उँगली को खींचते या मोड़ते हो, तो जोड़ के बीच की जगह अचानक बढ़ जाती है। जगह बढ़ते ही अंदर का प्रेशर एकदम से गिर जाता है। प्रेशर गिरते ही तरल में घुली गैस अचानक बाहर निकल कर एक छोटा सा *Vacuum Bubble* बना देती है। इसी प्रक्रिया को विज्ञान में *Tribonucleation / Cavitation* कहते हैं। जब ये बुलबुला एक झटके में बनता है और आसपास का तरल उस खाली जगह को भरने के लिए तेजी से दौड़ता है, तो वही तेज आवाज *POP* बनकर सुनाई देती है। मतलब आवाज हड्डी टूटने की नहीं, बल्कि अंदर गैस के बुलबुले फूटने की है। 3. एक बार चटकाने के बाद तुरंत दोबारा क्यों नहीं चटकती? इसे *Refractory Period* बताया गया है। एक बार गैस बाहर निकल गई तो उसे दोबारा उसी तरल में घुलने में *20 से 30 मिनट* लगते हैं। जब तक गैस घुलेगी नहीं, नया बुलबुला बनेगा ही नहीं, इसलिए आवाज भी नहीं आएगी। 4. क्या इससे Arthritis होता है? बिल्कुल नहीं। Orthopedics की कई रिसर्च में ये साबित हो चुका है कि उँगली चटकाने से हड्डी कमजोर नहीं होती और गठिया नहीं होता। ये एक नॉर्मल *Pressure Release Process* है। हाँ, अगर उँगली चटकाते समय दर्द हो रहा है, सूजन आ रही है, तो वो बात अलग है - तब डॉक्टर को दिखाना चाहिए। पर बिना दर्द के चटकाना खतरनाक नहीं है।

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