
Rama Devi Sahu
120 days ago
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ वर्ष का तीसरा महीना होता है, ज्येष्ठ या जेठ माह को गर्मी का महीना भी कहा जाता है। इस महीने में जल की पूजा की जाती है और इस माह में जल को लेकर दो त्योहार मनाए जाते हैं, पहला गंगा दशहरा और दूसरा निर्जला एकादशी। ज्येष्ठ मास जो दिन में सोए, ओकर जर असाढ़ में रोए, यह घाघ की कहावत है। ज्येष्ठ महीने के दौरान पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है, जो हनुमान जी की कृपा पाने का विशेष दिन माना जाता है। ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की श्रद्धा भाव से पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। बड़े मंगल के दिन व्रत रखने और हनुमान जी की आराधना करने से जीवन के समस्त संकट दूर होते हैं और बजरंगबली की कृपा बनी रहती है। यानी जो व्यक्ति जेष्ठ के महीने में दिन में सोता है वह रोगी होता है। साथ ही ज्येष्ठ में दोपहर में चलना मना है, इस समय धूप में चलने से व्यक्ति बीमार हो सकता है। ज्येष्ठ के महीने में तिल का दान उत्तम होता है, शिवपुराण में कहा गया है कि इस महीने में तिल के दान से अकाल मृत्यु बाधा दूर होती है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
May 2, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey Jii 🌹🌹

सविता
May 2, 2026
Radhe radhe 🙏🌹
