
Rama Devi Sahu
101 days ago
जगन्नाथ पुरी धाम की सबसे अनोखी परंपराओं में से एक है 'बेंत प्रसाद'। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल में मां यशोदा उन्हें शरारत करने पर बेंत से डांटती और कभी-कभी मारती भी थीं। इसी कथा से जुड़ी यह परंपरा आज भी जगन्नाथ मंदिर में निभाई जाती है। मंदिर में भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के पास रखे विशेष नारियल की लकड़ी से बने बेंत का स्पर्श श्रद्धालुओं को कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस बेंत का स्पर्श मिलने से पापों का नाश होता है, जीवन में सकारात्मकता आती है और व्यक्ति को सही दिशा प्राप्त होती है। इतना ही नहीं, जगन्नाथ पुरी से कई श्रद्धालु इस बेंत को प्रसाद के रूप में अपने घर भी लेकर आते हैं। मान्यता है कि इसे घर के मंदिर में स्थापित कर नियमित पूजा के बाद परिवार के सदस्यों को स्पर्श कराने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। अगर आप भी जगन्नाथ पुरी धाम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इस अनोखी परंपरा और इसके धार्मिक महत्व के बारे में जरूर जानें।

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