
Rama Devi Sahu
192 days ago
क्या आप जानते हैं कि श्री रामकृष्ण परमहंस की जयंती क्यों मनाई जाती है? यह महोत्सव न केवल उनके जीवन और उपदेशों की स्मृति है, बल्कि प्रेम और एकता का भी प्रतीक है। श्री रामकृष्ण परमहंस जी का जन्म, 1836 में हुआ था, इन्होनें सरल शब्दों में गहन सत्य सिखाए हैं। इनका मानना था कि सभी धर्म एक ही दिव्य लक्ष्य तक पहुँचते हैं। वे अक्सर कहते थे, "ईश्वर एक है, लेकिन उसके नाम अनेक हैं।" बेलूर मठ में इस पवित्र दिन पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। सुबह 4:30 बजे से आरंभ होने वाली मंगला आरती से लेकर देर रात तक भक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम होते हैं। श्री रामकृष्ण परमहंस माँ काली के अनन्य भक्त थे, इन्होनें अपना ज्यादातर जीवन एक परम भक्त की तरह ही बिताया था। स्वामी जी के बचपन का नाम गदाधर था, कुशाग्र बुद्धि होने के कारण स्वामी जी को पुराण, रामायण, महाभारत और भगवद् गीता कण्ठस्थ हो गई थी। श्री रामकृष्ण जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था, प्रेम और सेवा के माध्यम से हम उनके आदर्शों को जीवित रख सकते हैं।

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