
Saumya Sharma
62 days ago
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🙏🌹☺️ मेरे सभी भाई बहनों को शुभ मंगलकामनाओं के साथ सुप्रभात वंदन 🙏🌹☺️ एकादशी हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर चंद्र मास में दो बार (शुक्ल और कृष्ण पक्ष में) आने वाली ग्यारहवीं तिथि है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन उपवास रखने और कथा सुनने से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं, मन शुद्ध होता है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। एकादशी व्रत की उत्पत्ति की कथाहिंदू पौराणिक कथाओं (पद्म पुराण) के अनुसार, सतयुग में 'मुर' नाम का एक अत्यंत शक्तिशाली और क्रूर राक्षस था। उसने स्वर्ग के सभी देवताओं को हरा दिया था और देवराज इंद्र को बंदी बना लिया था। तब सभी देवता मिलकर भगवान विष्णु की शरण में गए और उनसे मदद की प्रार्थना की।देवताओं की रक्षा के लिए भगवान विष्णु और राक्षस मुर के बीच भयंकर युद्ध हुआ। यह युद्ध कई वर्षों तक चला, लेकिन मुर को हराना संभव नहीं हो रहा था। युद्ध करते-करते जब भगवान विष्णु थक गए, तो वे बद्रिकाश्रम की एक गुफा में विश्राम करने के लिए सो गए।सोते समय जब मुर ने असहाय देखकर भगवान विष्णु पर आक्रमण करना चाहा, तब भगवान विष्णु के शरीर (इंद्रियों) से एक अत्यंत तेजस्वी और सुंदर देवी प्रकट हुईं। उस देवी ने राक्षस मुर के साथ भयंकर युद्ध किया और अंत में अपने हुंकार मात्र से मुर को भस्म कर दिया।जब भगवान विष्णु की नींद खुली, तो उन्होंने राक्षस का अंत देखकर उस देवी से प्रसन्न होकर वर मांगने को कहा। तब देवी ने कहा, "हे प्रभु! अगर आप मुझ पर प्रसन्न हैं और मुझे वर देना चाहते हैं, तो मुझे यह शक्ति दीजिए कि जो मनुष्य इस दिन (एकादशी तिथि) उपवास रखे, उसके सभी पाप नष्ट हो जाएं और अंत में उसे वैकुंठ धाम (मोक्ष) की प्राप्ति हो।"भगवान विष्णु ने उस देवी को 'एकादशी' नाम दिया और वरदान दिया कि आज के दिन जो भी भक्त सभी 11 इंद्रियों (पांच ज्ञानेंद्रियों, पांच कर्मेंद्रियों और मन) को वश में करके व्रत करेगा, उसे समस्त यज्ञों, तीर्थों और दान से भी अधिक पुण्य की प्राप्ति होगी व्रत के मुख्य नियमउपवास: एकादशी के सूर्योदय से लेकर द्वादशी के सूर्योदय तक उपवास (निर्जला या फलाहारी) रखा जाता है।पूजा विधि: इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, विष्णु जी की मूर्ति/चित्र के सामने धूप, दीप, और पीले फूल अर्पित करके पूजा करें और एकादशी की कथा सुनें या पढ़ें। दान: द्वादशी के दिन सुबह ब्राह्मणों को भोजन या दान देने के पश्चात ही व्रत का पारण (खोला) किया जाता है।

Comments (120)

Suresh Kumar
Jul 6, 2026
राधे राधे जी 🙏 शुभ प्रभात वंदन मेरी बहन

Saumya Sharma
Jul 5, 2026
जय श्री राधे कृष्ण भैया जी 🙏 शुभ रात्रि विश्राम 🙏 ठाकुर जी की कृपा से आप सदैव स्वस्थ और खुशहाल रहें मेरे बड़े भाई 🙏🌹☺️

Suresh Kumar
Jul 5, 2026
राधे राधे जी 🙏 शुभ रात्री वंदन मेरी बहन

Saumya Sharma
Jul 5, 2026
ॐ भास्कराय नमः 🙏 जगत् को प्रकाशित करने वाले भगवान भास्कर आपके जीवन में भी खुशियों की बरसात करते रहें 🙏 यही प्रार्थना है बड़े भाई 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Jul 5, 2026
जय श्री राधे कृष्ण भैया जी 🙏 शुभ मंगलकामनाओं के साथ शुभ संध्या वंदन बड़े भाई 🙏🌹☺️

Suresh Kumar
Jul 5, 2026
ओम सूर्या देवाय नमः 🌻🙏🌻 🥀🥀🥀शुभ प्रभात वंदन मेरी बहन. 🥀🥀🥀सूर्य देव जी की कृपा आप पर एवं आपके परिवार पर सदा बनी रहे और आपका जीवन प्रकाशमय हो मेरी प्यारी सौम्या बहन 🙏

Suresh Kumar
Jul 5, 2026
राधे राधे जी 🙏 जय श्रीं कृष्णा

Saumya Sharma
Jul 4, 2026
जय श्री राधे कृष्ण भैया जी 🙏 शुभ रात्रि विश्राम 🙏 ठाकुर जी आप सपरिवार पर सदैव ही अपनी कृपा बनाए रखें 🙏🌹☺️

Suresh Kumar
Jul 4, 2026
राधे राधे जी 🙏 शुभ रात्री वंदन मेरी बहन

Saumya Sharma
Jul 4, 2026
जय श्री राधे कृष्ण भैया जी 🙏🌹☺️ ठाकुर जी की कृपा से आप सदैव स्वस्थ और खुशहाल रहें 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ संध्या वंदन बड़े भाई 🙏🌹☺️
