
Rama Devi Sahu
366 days ago
देवउठनी एकादशी से दो दिन पूर्व अक्षय नवमी मनाई जाती है, जिसमें आंवले के पेड़ की पूजा कर उसके नीचे भोजन बनाकर भगवान शिव और विष्णु को भोग लगाया जाता है। इस वर्ष 31 अक्टूबर को अक्षय नवमी मनाई जाएगी। इस दिन को आंवला नवमी के नाम से भी जाना जाता है, इस दिन किये गए शुभ कार्य, दान-पुण्य का फल अक्षय यानी अनंत काल तक बना रहता है। अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ के नीचे भोजन पकाया भी जाता है और खाया भी जाता है, महिलाएं इस पूजा को अपने बच्चों के खुशहाल जीवन के लिए करती हैं। इस साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 03 मिनट तक है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी पर पूर्वाह्न काल सुबह 06 बजकर 32 मिनट से लेकर 10 बजकर 03 मिनट तक है।

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