
Rama Devi Sahu
46 days ago
।। जय माता दी ।। साल 2026 की आषाढ़ गुप्त नवरात्रि शुरू होने वाली है। क्या आप जानते हैं कि इन 9 दिनों में की गई साधना, मंत्र जप और देवी उपासना को अत्यंत शीघ्र फलदायी माना गया है? पूरी तिथि सूची अभी देख लें। ।। 2026 में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की मुख्य तिथि ।। 15 जुलाई (बुधवार): प्रतिपदा, घटस्थापना, माँ शैलपुत्री पूजा 16 जुलाई (गुरुवार): द्वितीया, माँ ब्रह्मचारिणी पूजा 17 जुलाई (शुक्रवार): तृतीया और चतुर्थी, माँ चंद्रघंटा और माँ कुष्मांडा पूजा 18 जुलाई (शनिवार): पंचमी, माँ स्कंदमाता पूजा 19 जुलाई (रविवार): षष्ठी, माँ कात्यायनी पूजा 20 जुलाई (सोमवार): सप्तमी, माँ कालरात्रि पूजा 21 जुलाई (मंगलवार): अष्टमी, माँ महागौरी पूजा 22 जुलाई (बुधवार): नवमी, माँ सिद्धिदात्री पूजा 23 जुलाई (गुरुवार): नवरात्रि पारणा (समापन) ।। गुप्त नवरात्र की प्राचीन कथा ।। 🙏 या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता। 🙏नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। गुप्त नवरात्रि से जुड़ी प्राचीन और प्रमाणिक कथा के अनुसार, एक बार ऋषि श्रृंगी भक्तों को दर्शन दे रहे थे. तभी भीड़ से एक महिला निकली और करबद्ध होकर ऋषि श्रृंगी से कहने लगी कि मेरे पति दुर्व्यसनों से हमेशा घिरे रहते हैं, जिस कारण मैं धर्म और भक्ति से जुड़ा कोई काम या पूजा-पाठ नहीं कर पाती हूं. अपने पति के कारण में ऋषियों को अन्न तक समर्पित नहीं कर पाती. लेकिन मैं मां भगवती की सेवा करना चाहती हूं और चाहती हूं कि मां की भक्ति व साधना से मेरे परिवार का जीवन सफल हो सके. ऋषि श्रृंगी मां भगवती के प्रति महिला के भक्तिभाव से बहुत प्रसन्न हुए. ऋषि ने महिला को इसके लिए एक उपाय भी बताया. उन्होंने कि कहा कि, चैत्र और अश्विन महीने की नवरात्रि के बारे में तो सभी जानते हैं. लेकिन इसके अलावा भी अन्य दो नवरात्र पड़ते हैं, जिन्हें 'गुप्त नवरात्रि' कहा जाता है. ऋषि ने महिला को बताया कि प्रकट नवरात्रि में मां दुर्गा ने 9 स्वरूपों की उपासना होती है और गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की साधना का महत्व है. इन नवरात्र की प्रमुख देवी स्वरूप का नाम सर्वैश्वर्यकारिणी देवी है. अगर कोई भक्त गुप्त नवरात्रि में माता दुर्गा की पूजा-साधना करता है तो उसका जीवन सफल हो जाता है. ऋषि श्रृंगी आगे कहते हैं कि, लोभी, कामी, व्यसनी, मांसाहारी और किसी कारण पूजा-पाठ न कर पाने वाले भी यदि गुप्त नवरात्रि में मां की पूजा करते हैं, तो उसे फिर अन्य कुछ करने की आवश्यकता नहीं. ऋषि श्रृंगी के बताए इस उपाय का महिला ने पूर्ण श्रद्धा से पालन किया और गुप्त नवरात्रि की पूजा की. महिला की पूजा से मां प्रसन्न हुईं और धीरे-धीरे उसके जीवन में परिवर्तन आया. कुछ समय बाद घर पर सुख-शांति आ गई और पति भी सही मार्ग पर चलने लगा. इस तरह से गुप्त नवरात्रि की पूजा से महिला का जीवन पुन: खिल उठा। 🙏 जय मां आदिशक्ति जगत जननी जी आपकी सदा ही जय हो। 🙏 जय माता दी।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jul 15, 2026
🙏🌺 Jai Mata Di 🌺🙏 Subha Sandhya Vandan Ji 🌹🌹

Rakesh Kumar
Jul 15, 2026
jai mata di 🙏
