
Rama Devi Sahu
121 days ago
*卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐* *🌞 दिनांक - 01 मई 2026* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - वैशाख* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - पूर्णिमा रात्रि 10:52 तक तत्पश्चात् प्रतिपदा* *⛅नक्षत्र - स्वाती प्रातः 04:35 मई 02 तक तत्पश्चात् विशाखा* *⛅योग - सिद्धि रात्रि 09:13 तक तत्पश्चात् व्यतीपात* *⛅राहुकाल - सुबह 10:47 से दोपहर 12:24 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:54* *⛅सूर्यास्त - 06:54 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:26 से प्रातः 05:10 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:58 से दोपहर 12:50 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:02 से मध्यरात्रि 12:46 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - वैशाखी पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा, कूर्म जयंती, अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस, व्यतीपात योग (रात्रि 09:13 से रात्रि 09:45 मई 02 तक)* *🌥️विशेष - पूर्णिमा और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🌷 *वैशाख पूर्णिमा* 🌷 *हिन्दू धर्म में वैशाख महिने की पूर्णिमा तिथि भी भगवान विष्णु व शक्ति स्वरूपा देवी लक्ष्मी की उपासना के लिए बहुत शुभ बताई गई है। माता लक्ष्मी को सुख-समृद्धि, धन, वैभव और ऐश्वर्य की देवी माना गया है।* 🙏🏻 *वैशाख पूर्णिमा यानी 01 मई, शुक्रवार को देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए नीचे बताएँ उपाय करना भी शुभ व सुख-ऐश्वर्य देने वाला माना गया है-* 🙏🏻 *- सुबह के साथ ही खासकर शाम के वक्त भी स्नान कर माता लक्ष्मी की प्रतिमा की सामान्य पूजा कर इस मंत्र का जप आर्थिक परेशानियों को दूर करने वाला होगा।* 🌹 *- माता लक्ष्मी को लाल चन्दन, लाल अक्षत, लाल वस्त्र, लाल फूल, मौसमी फल, मिठाई अर्पित करें।* 🍚 *- माता को दूध से बनी खीर का भोग लगाएं। बाद में देवी लक्ष्मी को इस वैदिक मंत्र स्तुति के उपाय का यथाशक्ति जप करें-* 🌷 *ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥* 🔥 *- पूजा और मंत्र जप के बाद घी के दीप से माता लक्ष्मी की आरती करें।* 🔥 *- आरती के बाद धन प्राप्ति और सुखी जीवन की कामना करते हुए पूजा-आरती में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा प्रार्थना करें।* 🌷 *कभी स्नान ना कर सकें तो* 🌷 🌿 *तुलसी के पौधे की मिटटी इतनी पवित्र है कि कोई आदमी घर में बहुत बीमार हो नहा नही सकता हो तो आप उसको तुलसी की मिटटी का तिलक कर दो वो आदमी नहाया हुआ जैसा पवित्र माना जायेगा | (मेरे से एक मिलिट्री में काम करने वाले भाई ने पूछा था कि हम ऐसी जगहों पर रहते हैं जहाँ बर्फ ही बर्फ होती है पानी तो होता नहीं नहाये कैसे, इतनी ठण्ड होती है माईनस में होता है टेम्परेचर क्या करें ? नियम कैसे करें ? मैंने कहा आश्रम में आये हो तुलसी की मिटटी ले जाओ जितने दिन रहना पड़े उसका तिलक कर लो नहाये हुए के सामान माने जाओगे पवित्र तुलसी की मिटटी इतनी शुद्ध है | ) इसका मतलब ये नही है कि और भी कोई सोचे की वाह बढ़िया आईडिया है कभी नहाना नही और तुलसी की मिटटी का तिलक कर दो हो गया पवित्र हो गये हम तो |* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩*
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